पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के न्यू टाउन की घुनी झुग्गी बस्ती में बुधवार (17 दिसंबर) शाम को भीषण आग लग गई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसको लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने इसे तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की साजिश करार दिया। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि यह आग कोई हादसा नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से बचने के लिए टीएमसी द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश है, ताकि घुसपैठियों के नए दस्तावेज बनाए जा सकें।
यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने गुरुवार (18 दिसंबर) को एक्स पर लिखा, “चुनाव आयोग (इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को जल्द ही नोटिस भेजने वाला था। लेकिन इससे कुछ दिन पहले ही न्यू टाउन के इको पार्क के पास घुनी झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग जाना कई सवाल खड़े करता है। जब से पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से कोलकाता के बाहरी इलाकों में खाली और छोड़ी हुई झोपड़ियों की तस्वीरें बार-बार सामने आई हैं। दरअसल, बांग्लादेश के कई लोग घुनी झुग्गी बस्ती में बस गए थे, जहां अब यह भीषण आग लगी है।”
If there was ever any doubt that the massive fire in the Ghuni slum near Eco Park, New Town was sponsored, one only needs to look at the ASD list of the six booths under Ghuni village. The findings are interesting, though not surprising.
Key insights from the six fire affected… https://t.co/2skKh8TYgT
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 18, 2025
‘ममता बनर्जी आग से खेल रही हैं’
अमित मालवीय ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया कि इस इलाके में रहने वाले कई बांग्लादेशी पहले ही घर छोड़कर सीमा पार भाग चुके थे। कुछ ही लोग झुग्गी बस्ती में रह गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि भीषण आग लगने के बावजूद दमकल की गाड़ियां तुरंत क्यों नहीं भेजी गईं, जिसकी मौके पर जरूरत थी? बीजेपी नेता के मुताबिक, यह सिर्फ प्रशासन की नाकामी नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। ममता बनर्जी इस बार सचमुच आग से खेल रही हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद इस इलाके से हजारों नाम काट दिए गए थे। लेकिन टीएमसी ने वोटर लिस्ट में उन्हें फिर से शामिल करने के लिए जानबूझकर यह आग लगवाई है। यह सब करने का मकसद साफ है कि बाद में लोग यह कह सकेंगे कि हमारे दस्तावेज (आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड) आग में जल गए। इसी बहाने उनके फर्जी दस्तावेज जारी करने का रास्ता साफ हो जाएगा और उन्हें फिर से मतदाता बनाया जा सकेगा।
300 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हुईं
घुनी बस्ती में बुधवार (17 दिसंबर) शाम करीब 7 बजे भीषण आग में 300 से ज्यादा झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 20 दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने में कई घंटे लग गए, इसके बाद भी कुछ नहीं बचाया जा सका। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

















