दिल्ली की हवा दिन पर दिन खराब होती जा रही है, इसलिए सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं। आज यानी गुरुवार से कई नए नियम लागू हो गए हैं, जो वाहनों और ऑफिसों पर असर डालेंगे। ये नियम आम लोगों की जिंदगी को थोड़ा मुश्किल बना सकते हैं, लेकिन प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पेट्रोल पंप वालों और ट्रैफिक पुलिस के साथ मीटिंग करके इनकी तैयारी की है।
बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
अब सबसे बड़ा बदलाव ये है कि अगर आपके वाहन का वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं है, तो पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। ये नियम सभी पेट्रोल, डीजल और CNG वाहनों पर लागू है। पंपों पर ANPR कैमरे लगाए जा रहे हैं, वॉइस अलर्ट सिस्टम होगा और पुलिस की मदद से चेकिंग की जाएगी। अगर कोई डीलर बिना PUC के फ्यूल देता पकड़ा गया, तो सख्त कार्रवाई होगी। बुधवार को ही PUC सेंटरों पर लंबी लाइनें लगी थीं, लोग जल्दी-जल्दी सर्टिफिकेट बनवा रहे थे। कुछ जगहों पर सर्वर की समस्या भी आई, लेकिन ज्यादा सर्टिफिकेट जारी हुए।
बाहर के गैर-BS6 वाहनों की एंट्री बंद
दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS6 वाहनों को अब शहर में घुसने की इजाजत नहीं मिलेगी। सिर्फ BS6 मानक वाले वाहन ही एंट्री कर पाएंगे। बॉर्डर पर 126 चेक पॉइंट बनाए गए हैं, जहां 580 पुलिसवाले तैनात हैं। साथ में 37 प्रवर्तन वैन भी घूम रही हैं। परिवहन विभाग के 78-80 दल भी बॉर्डर पर लगे हैं। ये बाहर से आने वाले पुराने वाहनों को रोकेगा, जो प्रदूषण ज्यादा फैलाते हैं।
ऑफिसों में 50% कर्मचारी घर से काम करेंसरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के ऑफिसों-संस्थानों को आदेश है कि गुरुवार से अपने स्टाफ का 50% हिस्सा वर्क फ्रॉम होम पर रखें। यानी आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे। अगर कोई संस्थान ये नहीं मानेगा, तो जुर्माना लगेगा। इसका मकसद सड़कों पर ट्रैफिक कम करना है, ताकि वाहनों से निकलने वाला धुआं घटे।
धूल और गड्ढों पर भी ध्यान
धूल प्रदूषण रोकने के लिए PWD ने नई व्यवस्था शुरू की है। सड़कों के गड्ढों की थर्ड पार्टी एजेंसी सर्वे करेगी और 72 घंटे में भराई करानी होगी। एक स्वतंत्र एजेंसी पूरे साल डेटा इकट्ठा करेगी और प्रदूषण नियंत्रण के काम का ऑडिट करेगी।
ट्रैफिक बेहतर बनाने की कोशिश
ट्रैफिक जाम कम करने के लिए दिल्ली सरकार गूगल मैप के साथ बात कर रही है। ट्रैफिक सिग्नल का डेटा शेयर करके जाम वाले स्पॉट पता किए जाएंगे। कम से कम 100 नए हॉटस्पॉट की पहचान होगी और वहां समाधान निकाला जाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण सिर्फ सरकार की नहीं, सबकी जिम्मेदारी है।

















