दिल्ली सरकार ने हाल ही में ईंधन बचाने और लोगों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। आज पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम बढ़ने से आम लोगों का खर्च बढ़ गया है। ऐसे समय में दिल्ली सरकार लोगों को राहत देने और तेल की बचत करने के लिए नए कदम उठा रही है।
ईंधन बचत के लिए सरकार की नई पहल
सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम दो दिन घर से काम यानी “वर्क फ्रॉम होम” की सुविधा दें। इससे सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होगी और पेट्रोल-डीजल की बचत होगी। साथ ही ट्रैफिक और प्रदूषण भी कम होगा। कोरोना के समय लोगों ने घर से काम किया था, इसलिए अब भी यह तरीका आसानी से अपनाया जा सकता है। इसके अलावा सरकार ने कार पूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही है। इसका मतलब है कि एक ही गाड़ी में कई लोग साथ सफर करें। इससे ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक कम होगा। सरकार ने लोगों से मेट्रो और बस जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील भी की है। “मेट्रो मंडे” अभियान के तहत कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन मेट्रो से सफर करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार ने हवाई यात्रियों को राहत देने के लिए विमान ईंधन पर लगने वाला वैट भी कम कर दिया है। पहले जेट फ्यूल पर 25 प्रतिशत टैक्स लगता था, जिसे अब घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे एयरलाइन कंपनियों का खर्च कम होगा और आने वाले समय में हवाई टिकट सस्ते हो सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने “मेरा भारत मेरा योगदान” नाम से 90 दिनों का अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत आधी सरकारी बैठकें ऑनलाइन होंगी ताकि ईंधन, समय और पैसे की बचत हो सके। सरकार का यह कदम पर्यावरण बचाने और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की दिशा में एक अच्छा प्रयास माना जा रहा है।

















