उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आया तिहरा हत्याकांड पूरे समाज को झकझोर देने वाला है। कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत में एक पिता ने कथित मजहबी इज्जत के नाम पर अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी।
आरोपी फारूक ने कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी फारूक ने स्वीकार किया कि उसने 10 दिसंबर की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। उसने पहले पत्नी ताहिरा और बड़ी बेटी आफरीन को गोली मारी, जबकि छोटी बेटी सहरीन को गला दबाकर मार डाला।
हत्या के बाद शवों को गड्ढे में दफनाया
हत्या के बाद फारूक ने तीनों शवों को घर के आंगन में बने सात फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया और ऊपर से ईंटों का फर्श बिछा दिया। इस निर्ममता ने पुलिस और ग्रामीणों दोनों को सन्न कर दिया।
बड़ी बेटी की आंख फोड़ने की आशंका
वारदात की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी बेटी की एक आंख बाहर निकली हुई मिली। मौके से खून से सना मोटा डंडा भी बरामद हुआ है। पुलिस को आशंका है कि इसी डंडे से बच्ची की आंख फोड़ी गई।
बुर्का न पहनने पर नाराज था आरोपी
पुलिस के अनुसार, ताहिरा बिना बुर्का पहने मायके चली गई थी, जिससे फारूक नाराज था। उसने बताया कि वह शादी के बाद से पत्नी को पर्दे में रखता था और बिना बुर्का बाहर जाने को उसने अपनी इज्जत पर हमला माना।
मां की हत्या देख बेटियों को भी मार डाला
पूछताछ में सामने आया कि जब फारूक ने पत्नी की हत्या की, तो दोनों बेटियां मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद उसने गवाह बनने के डर से अपनी ही बेटियों की भी बेरहमी से हत्या कर दी।
मायके पक्ष ने पहले भी जताई थी चिंता
मृतका के पिता अमीर ने बताया कि फारूक आए दिन उनकी बेटी को परेशान करता था। इसको लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच दस से अधिक पंचायतें भी हुईं, लेकिन हर बार सामाजिक दबाव में बेटी को वापस भेज दिया गया।
अवैध हथियार और सप्लाई नेटवर्क की जांच
एसपी के अनुसार, आरोपी ने तीन हजार रुपये में तमंचा खरीदने की बात स्वीकार की है। हालांकि उसने अभी हथियार सप्लायर का नाम नहीं बताया है। पुलिस अब अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
थाने ले जाते समय भड़का आक्रोश
जब पुलिस आरोपी फारूक को थाने ले जा रही थी, तब मायके पक्ष के लोगों ने आक्रोशित होकर उसे पीटने और पुलिस हिरासत से छुड़ाने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
फांसी की मांग और साजिश की आशंका
मृतका के पिता ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए आशंका जताई कि इस हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, क्योंकि शवों को दफनाने की प्रक्रिया अकेले किसी एक व्यक्ति के लिए आसान नहीं है।
पूछताछ जारी
पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस अब आरोपी से यह भी पूछताछ कर रही है कि शवों को सेफ्टी टैंक में दफनाने में उसके साथ और किन लोगों ने मदद की।
यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर चेतावनी है कि तथाकथित इज्जत के नाम पर होने वाली हिंसा किस हद तक इंसानियत को खत्म कर सकती है।

















