दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारतीय स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे हासिल करना बड़े-बड़े गेंदबाजों के लिए आसान नहीं होता। वनडे सीरीज से बाहर रहने के बाद बुमराह ने टी20 सीरीज में शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया। इस मैच में उन्होंने अपने टी20 करियर के 100 विकेट पूरे किए, और इसी के साथ वह तीनों फॉर्मेट- टेस्ट, वनडे और टी20—में 100 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के पहले गेंदबाज बन गए।
टी20 में बुमराह के 100 विकेट पूरे- पहले टी20 मैच में बुमराह ने 11वें ओवर की दूसरी गेंद पर दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को आउट कर इस खास उपलब्धि को अपने नाम किया। यह विकेट उनके टी20 करियर का 100वां विकेट था। इसके ठीक बाद उन्होंने इसी ओवर में केशव महाराज को भी आउट कर दिया। इस तरह मैच खत्म होने तक बुमराह के नाम 81 मैचों की 78 पारियों में कुल 101 विकेट दर्ज हो गए। इस मुकाबले से पहले बुमराह 100 विकेट के जादुई आंकड़े से सिर्फ एक कदम दूर थे। जैसे ही ब्रेविस का विकेट उनके खाते में आया, भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। वह टी20 क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले भारत के सिर्फ दूसरे तेज गेंदबाज बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल अर्शदीप सिंह ने हासिल की थी।
चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हुए बुमराह- जसप्रीत बुमराह शुरुआत से ही सभी फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं। वह टेस्ट और वनडे में पहले ही 100 से अधिक विकेट ले चुके थे। टी20 में 100 विकेट पूरे होते ही वे दुनिया के उन चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में 100 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल चार गेंदबाजों ने हासिल की थी—टिम साउदी, शाकिब अल हसन, लसिथ मलिंगा और शाहीन शाह अफरीदी। भारत की ओर से यह उपलब्धि हासिल करने वाले बुमराह पहले और इकलौते गेंदबाज हैं। उनके रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 52 टेस्ट मैचों में उन्होंने 234 विकेट, जबकि 89 वनडे मैचों में 149 विकेट लिए हैं। यह उपलब्धि उनके शानदार कौशल, निरंतरता और फिटनेस को दर्शाती है।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले बुमराह की दमदार वापसी ने बढ़ाया टीम इंडिया का आत्मविश्वास- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में हुई 3 मैचों की वनडे सीरीज में बुमराह को आराम दिया गया था। इसका कारण था आने वाला टी20 वर्ल्ड कप, जिसके लिए भारतीय टीम को 10 टी20 मैच खेलने हैं। बुमराह की वापसी जितनी दमदार थी, उतनी ही प्रेरणादायक भी। उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। बुमराह की खासियत उनकी अनोखी कार्रवाई, सटीक लाइन-लेंथ और हर परिस्थिति में विकेट निकालने की क्षमता है। डेथ ओवर्स में उनकी गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन जाती है। क्रिकेट विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बुमराह की मौजूदगी से भारत की गेंदबाजी इकाई बेहद मजबूत हो जाती है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस मुकाबले में दर्ज की गई यह उपलब्धि न केवल बुमराह के करियर के लिए मील का पत्थर है, बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम इंडिया के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। टी20 वर्ल्ड कप से पहले उनका इस तरह की लय में लौटना भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है।

















