Explainer: भारत सौर ऊर्जा में विश्व का अग्रणी देश बन रहा, लक्ष्य; उपलब्धियां और योजनाएं
September 10, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

Explainer: भारत सौर ऊर्जा में विश्व का अग्रणी देश बन रहा, लक्ष्य; उपलब्धियां और योजनाएं

भारत सौर ऊर्जा क्षमता में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1.40 लाख MW से ज्यादा स्थापित क्षमता, पंचामृत लक्ष्य, PM सूर्य घर और PM-KUSUM जैसी योजनाओं के साथ भारत 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल एनर्जी का लक्ष्य हासिल करने की राह पर है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jul 19, 2026, 01:18 pm IST
inविश्लेषण
Solar Energy india

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत सौर ऊर्जा के मामले में दुनिया का अग्रणी देश बनकर उभर रहा है। पहले हमारी बिजली ज्यादातर कोयला और पुरानी ऊर्जा पर निर्भर थी। अब धीरे-धीरे सब बदल रहा है। सूरज की रोशनी अब देश की सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा शक्ति बनती जा रही है। सौर ऊर्जा तेजी से बढ़ रही है, सरकार के मजबूत लक्ष्य हैं और दुनिया में हमारी अच्छी खासी जगह बन गई है।

सौर ऊर्जा क्या है?

सौर ऊर्जा सूरज की रोशनी से मिलती है। सोलर पैनलों पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं तो उनके अंदर लगे फोटोवोल्टिक सेल इस रोशनी को सीधे बिजली में बदल देते हैं। यह बिजली घरों, दफ्तरों, फैक्टरियों और खेतों में इस्तेमाल होती है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है, हवा साफ रहती है और पर्यावरण को बहुत फायदा पहुंचता है।

बिजली में सौर ऊर्जा का योगदान

पिछले दस साल में सौर ऊर्जा ने भारत की कुल बिजली क्षमता को लगभग दोगुना करने में बड़ी भूमिका निभाई है। अब सौर ऊर्जा पवन, जलविद्युत और बायोमास को पीछे छोड़कर सबसे बड़ा नवीकरणीय स्रोत बन चुकी है।

  • देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 500 गीगावाट से ज्यादा है।
  • अक्टूबर 2025 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों की क्षमता 259 गीगावाट से ज्यादा हो गई, जो कुल का 50% से अधिक है। इसमें सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा हिस्सा है।
  • 31 जनवरी 2026 तक सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 1,40,602 मेगावाट पहुंच गई, जो कुल बिजली क्षमता का करीब 27% है।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी तक 34,955 मेगावाट नई सौर क्षमता जोड़ी गई – यह किसी भी दूसरे स्रोत से ज्यादा थी।
  • पवन, सौर और अन्य नवीकरणीय स्रोतों की कुल क्षमता 2,12,025 मेगावाट थी, जिसमें सौर अकेले 1,40,602 मेगावाट था।

भारत ने क्या लक्ष्य रखे हैं?

नवंबर 2021 में ग्लासगो COP-26 सम्मेलन में भारत ने ‘पंचामृत’ लक्ष्य घोषित किए। ये स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में रोडमैप हैं:

  • 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता बनाना।
  • 2030 तक कुल बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से।
  • 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 1 अरब टन की कमी।
  • 2005 के मुकाबले अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता में 45% कमी।
  • 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करना।

50% गैर-जीवाश्म हिस्सेदारी का लक्ष्य हमने करीब पांच साल पहले ही पूरा कर लिया है। 500 गीगावाट का लक्ष्य अभी बाकी है।

इसे भी पढ़ें: खालिस्तानी आतंकवाद से लड़ने वाले पुलिसकर्मियों का अपमान क्यों? सतलुज फिल्म और सच्चाई 

सौर क्षेत्र में कितनी प्रगति हुई?

2014 में सौर क्षमता सिर्फ 3 गीगावाट थी। अक्टूबर 2025 तक यह 129.92 गीगावाट हो गई – यानी लगभग 40 गुना बढ़ोतरी।

  • जमीन पर बड़े संयंत्र: 98.72 गीगावाट
  • ग्रिड से जुड़े रूफटॉप: 22.42 गीगावाट
  • हाइब्रिड परियोजनाएं: 3.32 गीगावाट
  • ऑफ-ग्रिड सिस्टम: 5.45 गीगावाट

सरकार की मुख्य योजनाएं राष्ट्रीय सौर मिशन (2010 से): बड़े पैमाने पर सौर उत्पादन बढ़ाने का मुख्य कार्यक्रम। जमीन, रूफटॉप, हाइब्रिड और ऑफ-ग्रिड सब इसमें शामिल हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (फरवरी 2024): एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाना, हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली। बजट 75,021 करोड़ रुपये। दिसंबर 2025 तक 23.9 लाख घरों में सिस्टम लगे, करीब 7 गीगावाट जुड़ा और 13,464 करोड़ सब्सिडी दी गई।

उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना: 24,000 करोड़ रुपये की योजना। घरेलू सोलर मॉड्यूल बनाने को बढ़ावा, आयात कम करना। 48,337 मेगावाट विनिर्माण क्षमता मंजूर, 52,900 करोड़ निवेश और 44,400 रोजगार बने।

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM): किसानों को बिजली उत्पादक बनाना। स्टैंडअलोन सोलर पंप, ग्रिड पंपों का सोलरकरण। अक्टूबर 2025 तक 9 लाख से ज्यादा स्टैंडअलोन पंप, 10,535 ग्रिड पंप सोलर किए गए। योजना मार्च 2026 तक बढ़ाई गई।

सौर पार्क योजना: बड़े पार्क बनाना जहां सब सुविधाएं एक जगह हों। 13 राज्यों में 55 पार्क मंजूर (39,973 मेगावाट), 14,922 मेगावाट स्थापित। योजना 2029 तक बढ़ाई गई।

कौन सा राज्य आगे?

राजस्थान सबसे आगे है – 22,860.73 मेगावाट क्षमता। यहां साल में 325 दिन से ज्यादा धूप रहती है। गुजरात और मध्य प्रदेश भी बड़े हब हैं। राजस्थान का भड़ला सोलर पार्क (2.2 गीगावाट) दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा है।

सौर बिजली सस्ती हुई

नीलामियों की वजह से कई जगहों पर सौर बिजली 2.50 रुपये प्रति यूनिट से भी कम हो गई है। कई बार यह कोयले वाली बिजली से सस्ती पड़ती है।

दुनिया में भारत कहां खड़ा है?

IRENA 2025 रिपोर्ट के मुताबिक भारत सौर ऊर्जा क्षमता में तीसरे और कुल नवीकरणीय ऊर्जा में चौथे स्थान पर है। 2025 में चीन सबसे आगे रहा – 1,175 TWh सौर बिजली। उसके बाद अमेरिका, भारत, जापान और जर्मनी। ये पांच देश दुनिया की 70% सौर बिजली बनाते हैं। दुनिया का कुल उत्पादन 2,778 TWh पहुंचा, जो 2024 से 30% ज्यादा है।

भारत अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का संस्थापक है, मुख्यालय गुरुग्राम में। अक्टूबर 2025 में दिल्ली में आठवीं महासभा हुई जिसमें 125+ देश शामिल हुए। ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ जैसी पहल भी आगे बढ़ रही है।

Topics: स्वच्छ ऊर्जासौर ऊर्जा भारतभारत सौर क्षमता 2026PM सूर्य घर योजनाभारत नवीकरणीय ऊर्जा
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

अंदमान निकोबार : भारत को मिली नई ‘ऊर्जा’

तेल पर निर्भरता घटा रहा भारत! मोदी सरकार की ऊर्जा रणनीति का बड़ा असर

एआई क्षेत्र में 1.6 अरब यूरो का निवेश! : AI शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन का बड़ा ऐलान

2 साल में $200 बिलियन का निवेश! AI पर अश्विनी वैष्णव ने किया बड़ा दावा, जानिए क्या हैं भविष्य की तैयारी..?

विश्व का सबसे बड़ा स्वच्छ रेल नेटवर्क

अमेरिकी संसद में अभिवादन स्वीकार करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत-अमेरिका संबंध : नया दौर

Load More

ताज़ा समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

UP में बाढ़ का कहर: 26 जिले प्रभावित, 21,333 लोगों का रेस्क्यू, राहत कार्य तेज

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

ब्रिटेन और अमेरिका में चेतावनी: AI है मानवता के लिए परमाणु हथियार से बड़ा खतरा?

Iran hanged 21 amid Israel war

18 और कैदियों को फांसी देने की तैयारी में ईरान, क्या हैं आरोप?

आज का श्लोक : सर्वधर्म-समा वृत्तिः सर्वजातिसमा मतिः

MP Weather Today

MP Weather: मध्य प्रदेश सहित इन 24 राज्यों में आज मूसलाधार बारिश, मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट

आज का राशिफल

10 सितंबर राशिफल: इन राशियों के लिए रहेगा खास दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल

भारतीय रेल (प्रतीकात्मक चित्र)

मल्टीट्रैकिंग से आसान होगी रेल यात्रा: 20 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, जानें क्या होगा फायदा

नितिन नवीन, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

शुद्धिकरण राहुल गांधी और कांग्रेस का विभाजनकारी षड्यंत्र: नितिन नवीन

ब्रिटेन की जमई मस्जिद (फाइल फोटो)

ब्रिटेन में जमेई मस्जिद को लेकर क्यों मचा हंगामा?

भाजपा प्रदेश कार्यकारणी बैठक, पहले सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies