रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस बिज़नेस फोरम में संबोधन के दौरान ‘ऑयल डील’ को लेकर मज़ाक किया। उन्होंने कहा कि रूसी प्रतिनिधिमंडल सिर्फ ऑयल और गैस सप्लाई की बात करने नहीं आया है। यह सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्कुराते नज़र आए।
इसके बाद पुतिन ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत के साथ बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना है।
❗️Putin: ‘Not Only Here To Talk Energy’ – 🇷🇺 President Says Delegation Seeks ‘Multifaceted’ Relations In Various Fields
The comment prompts a chuckle from PM Modi. pic.twitter.com/n3T7cFX14N
— RT_India (@RT_India_news) December 5, 2025
पुतिन के भारत आगमन पर नई दिल्ली में बना अभूतपूर्व माहौल
4 दिसंबर की शाम व्लादिमीर पुतिन के भारत पहुंचते ही नई दिल्ली के राजनैतिक गलियारों में असाधारण गर्मजोशी दिखी। PM मोदी द्वारा पुतिन को रूसी भाषा में भगवद गीता की प्रति भेंट करने से शुरुआत हुई जिसने दोनों देशों की रणनीतिक मित्रता को एक नई ऊर्जा दी।
भारत-रूस संबंध और मजबूत
5 दिसंबर 2025 को औपचारिक स्वागत के बाद हुई शिखर बैठक ने भारत-रूस संबंध को और प्रगाढ़ किया। बातचीत में 2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने, आतंकवाद विरोधी अभियान, रक्षा उत्पादन, ऊर्जा, अंतरिक्ष और तकनीक में सहयोग विस्तार पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। भारत ने यूक्रेन संघर्ष पर शांति और संवाद की नीति दोहराई, जबकि रूस ने भी शांति प्रयासों को समर्थन दिया।
अमेरिका की बेचैनी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का संकेत
पुतिन-मोदी की यह नजदीकी निश्चित ही अमेरिका के लिए असहज है। रूस-भारत रणनीतिक साझेदारी वैश्विक राजनीति में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करती है, जो अमेरिका के एकाधिकारवादी दृष्टिकोण के विपरीत है। पुतिन की यह यात्रा बताती है कि भारत वैश्विक मंच पर स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है।
भारत-रूस के ऐतिहासिक समझौते और विजन 2030
शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने विस्तृत संयुक्त घोषणापत्र जारी किया, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं—
1. विज़न 2030 रोडमैप पर हस्ताक्षर
विजन 2030 रोडमैप का उद्देश्य व्यापार, सह-उत्पादन और सह-नवाचार को नई गति देना है।
2. रक्षा सहयोग और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
दोनो देशों ने रक्षा उत्पादन एवं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को तेज़ करने पर सहमति जताई। यह मेक इन इंडिया को नई मजबूती देगा।
3. 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य और UPI-MIR कनेक्शन
2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य तय किया गया। साथ ही UPI और रूस के MIR पेमेंट सिस्टम को जोड़ने पर काम शुरू होगा, ताकि पश्चिमी प्रतिबंधों का प्रभाव कम हो।
4. आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
भारत और रूस दोनों ने आतंकवाद के विरुद्ध पूर्ण जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की।
5. श्रमिक गतिशीलता को सरल बनाया जाएगा
दोनो देशों ने वर्क वीज़ा और श्रमिक गतिशीलता को आसान करने पर सहमति जताई, जिससे व्यापारिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
6. वैश्विक मंचों पर सहयोग जारी रहेगा
संयुक्त राष्ट्र, G-20, ब्रिक्स, और SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया गया।















