अटल बिहारी वाजपेयी : भारत को बदलने वाले Atal ji के 10 ऐतिहासिक फैसले
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अटल बिहारी वाजपेयी : भारत को बदलने वाले Atal ji के 10 ऐतिहासिक फैसले

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गठबंधन राजनीति, पोखरण-II, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण फैसलों से भारत को नई दिशा दी।

Written byShivam DixitShivam Dixit — edited by Shivam Dixit
Dec 18, 2025, 07:00 am IST
inभारत, विश्लेषण, दिल्ली
Atal Bihari Vajpayee

Atal Bihari Vajpayee

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न और अजातशत्रु रहे पाञ्चजन्य के प्रथम संपादक अटल विहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के उन दुर्लभ नेताओं में से थे जिनके लिए दल हित से ऊपर देश हित था। उनके लिए सत्ता नहीं राष्ट्रहित केंद्र में था, इसीलिए उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष में रहते हुए भी कभी दलगत को देशहित से ऊपर नहीं रखा। वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के मजबूत पक्षधर थे। संसद उनके लिए केवल राजनीतिक अखाड़ा नहीं बल्कि संवाद और समाधान का स्थान थी।

फिर चाहे वह 1962 का युद्ध हो या 1975 के आपातकाल का समय, उन्होंने सरकार की आलोचना तो की मगर देशहित पर कभी कोई आंच नहीं आने दिया। अटल जी कहते थे- “लोकतंत्र में विरोध भी राष्ट्रसेवा का ही एक रूप है।”

राजनीति और सुशासन

अटल जी ने 23 पार्टियों वाली एनडीए (NDA) गठबंधन का सफलतापूर्वक संचालन किया। उन्होंने गठबंधन की राजनीति को स्थायित्व प्रदान किया। उन्होंने अपने समय कई ऐतिहासिक फैसले लिए। जो भविष्य के भारत की नींव बनी। अब नजर डालते हैं उनके कार्यकाल के कुछ महत्वपूर्ण फसलों पर-

1. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना

इस योजना की शुरूआत 1999 में हुई। इस योजना के अन्तर्गत देश के 4 महानगरों पूरब में कोलकाता, पश्चिम में मुंबई, उत्तर में दिल्ली और दक्षिण में चेन्नई को राजमार्ग के माध्यम से जोड़ना था। जो आगे जाकर आर्थिक विकास का आधार बनी।

2. पोखरण-II

वहीं मई 1998 में राजस्थान के पोखरण में दूसरी बार भारत द्वारा पांच परमाणु हथियार का परीक्षण किया गया। यह पहला सफल परमाणु परीक्षण था। अटल जी के काल में हुआ ये कार्य भारत को पूरे विश्व में शक्ति संतुलन स्थापित करने के लिए अतिमहत्वपूर्ण साबित हुआ।

3. टेलीकॉम नीति

अटल सरकार द्वारा शहर और गाँव के बीच डिजिटल विभाजन को कम करने के लिए 1999 में इस नीति को लाया गया। इसके तहत देश के कोने-कोने तक इंटरनेट को पहुचने का कार्य किया गया। इस नीति ने व्यक्ति-व्यक्ति के हाथ इंटरनेट और वैल्यू-एडेड सेवाओं को पहुंचाया।

4. सर्व शिक्षा अभियान

शिक्षा के लिए 2001-02 में इस क्रन्तिकारी कदम की शुरूआत हुई। इसके माध्यम से 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ़्त एवं अनिवार्य शिक्षा देने कि बात कही गई थी। इस योजना ने साक्षरता दर की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

5. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

वहीं ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए दिसंबर 2000 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाकी शुरूआत की गई। इस योजना का लक्ष्य गांवों को शहरों के साथ सड़क के माध्यम से जोड़कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था।

6. कूटनीति और वैश्विक दृष्टि

अटल जी की सम्पूर्ण कूटनीति” संवाद और शांति” पर आधारित रहती थी। उन्होंने भारत एवं पड़ोस में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान जैसे देशों से भी संबंध बनाने के प्रयास किए।

7. लाहौर बस यात्रा

बता दें कि पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए कारगिल युद्ध के पहले अटल जी “दिल्ली-लाहौर बस यात्रा” की शुरूआत की। 19 फरवरी 1999 को पहली यात्रा में बस में स्वयं अटल जी सवार थे।

8. भारत–रूस संबंध

भारत के पारंपरिक मित्र रूस के साथ अटल जी शासन काल में नई ऊर्जा मिली। 2000 में रूस के राष्ट्राध्यक्ष पुतिन भारत आए और “भारत-रूस सामरिक साझेदारी पर घोषणा” पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन एक नियमित प्रक्रिया बन गई। 2001 में भारत के प्रधानमंत्री रूस की यात्रा पर गए। रक्षा, व्यापार और अंतरिक्ष जैसे मुद्दों पर ऐतिहासिक समझौते हुए।

9. अमेरिका के साथ रणनीतिक संवाद

अटल जी अमेरिका के साथ परस्पर संबंधों को बराबरी और आपसी सम्मान पर बनाना चाहते थे। 1998 में भारत के सफल परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद अटल जी ने धैर्य एवं कुशल नेतृत्व का परिचय दिया और अमेरिका के साथ स्पष्ट संवाद बनाए रखा।

1999 में पाकिस्तान द्वारा कारगिल पर हमला करने के बाद अमेरिका, भारत के पक्ष में झुका। 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की भारत यात्रा हुई, जिसमें लोकतंत्र, शिक्षा, आईटी और व्यापार पर सहयोग की वार्ताएं हुई। इस यात्रा में भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में मान्यता मिली।

10. परमाणु नीति का वैश्विक असर

एशिया में शक्ति संतुलन स्थापित करने के लिए भारत का परमाणु सम्पन्न होना आवश्यक था। भारत के परमाणु राष्ट्र बनने के बाद पश्चिमी देशों ने कुछ प्रतिबंध लगाए। जिसके बाद अटल जी ने स्वस्थ संवाद का मार्ग चुना और अमेरिका से लगातार बातचीत की। इसके सकारात्मक प्रभाव से भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत बने।

वहीं भारत ने पूरे विश्व के सामने एक परमाणु सम्पन्न हथियार देश के रूप में अपनी स्थिति स्थापित की। 2008 में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) द्वारा भारत को असैन्य परमाणु सहयोग के लिए विशेष छूट दी गई, जिससे भारत के वैश्विक प्रभाव को और मजबूती मिली।

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Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
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