ORF Foreign Policy Survey Young India Operation Sindhoor । भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर देश के युवाओं के मूड में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है…
‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ORF) द्वारा बुधवार को जारी ‘फॉरेन पॉलिसी सर्वे 2025: यंग इंडिया एंड द मिडिल ईस्ट’ के अनुसार, भारतीय युवा अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ और अधिक आक्रामक रुख के पक्ष में हैं।
इस सर्वे में युवाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बड़ी उपलब्धि बताया है और बदलते वैश्विक परिदृश्य में रूस-जापान को अमेरिका से अधिक भारत का विश्वसनीय साथी माना है।
.@orfonline is delighted to unveil the 5th edition of the ‘Foreign Policy Survey 2025: Young India and the Middle East’.
The survey captures the views of #India‘s urban youth on core issues of India’s foreign policy. This year’s survey focused on the #MiddleEast, a region that… pic.twitter.com/LDjpx3V3DE
— ORF (@orfonline) May 20, 2026
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मिला युवाओं का जबरदस्त समर्थन
सर्वे में शामिल 18 से 35 वर्ष के युवाओं ने 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग वीरगति को प्राप्त हुए थे) के बाद सरकार की जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अपनी मुहर लगाई है।
- युवाओं का मानना है कि सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए निर्णायक सैन्य कार्रवाई ही प्रभावी समाधान है।
- सर्वे के अनुसार, युवा भारत सरकार के उस फैसले के साथ खड़ा है जिसमें आतंकी हमलों के विरोध में सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित रखने की बात कही गई है।
बदलते समीकरण: रूस और जापान बने सबसे भरोसेमंद साथी
बता दें कि भारत के अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को लेकर बदलती धारणा इस सर्वे के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में से एक है। जिसके पीछे की वजह पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अमेरिका के प्रति भरोसे में भारी गिरावट देखी गई है।
- रूस और जापान: इन दोनों देशों को भारतीय युवाओं ने सबसे विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार के रूप में रेटिंग दी है।
- अमेरिका: पिछले एडिशंस में टॉप पर रहने वाले अमेरिका की लोकप्रियता में इस साल भारी कमी आई है।
- BRICS पर भरोसा: भाररतीय युवा BRICS को पश्चिम-नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था के एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रहा है।
सुरक्षा चुनौतियां: इस सर्वे में शहरी युवाओं ने पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद और चीन के साथ बढ़ते सीमा तनाव को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए दो सबसे बड़ी चुनौतियां करार दिया है।
इसके साथ ही, युवाओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए जोरदार वकालत भी की है
मिडिल ईस्ट बना भारत की नई आर्थिक और रणनीतिक धुरी
इस सर्वेक्षण में मध्य पूर्व (Middle East) को भारत के भविष्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। सर्वे के अनुसार युवाओं का मानना है कि IMEEC और I2U2 जैसी पहलों में भारत की भागीदारी इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।
UAE बना युवाओं की पहली पसंद
वहीं मध्य पूर्व के देशों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) युवाओं के बीच सबसे सकारात्मक छवि वाला देश बनकर उभरा है।
सर्वे के विशेष ‘UAE स्पॉटलाइट’ सेक्शन के अनुसार-
युवाओं ने भारत-UAE व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) का पुरजोर समर्थन किया है।
भारतीय प्रवासियों (Diaspora) को इस क्षेत्र के विकास में मुख्य योगदानकर्ता माना गया है।
मिडिल ईस्ट के शहरों को तकनीक और नवाचार के नए केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
19 शहरों के 5000 युवाओं की राय से हुआ सर्वे
ORF का यह सर्वे 8 अक्टूबर से 26 नवंबर, 2025 के बीच देश के 19 प्रमुख शहरों में आयोजित किया गया था। इसमें 5,000 से अधिक शहरी युवाओं की राय ली गई। बता दें कि 2021 में अपनी शुरुआत के बाद से, यह सर्वे वैश्विक घटनाक्रमों और भारत की बढ़ती भूमिका पर युवाओं के दृष्टिकोण को ट्रैक करने का जरिया बन गया है।
















