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ध्यान और आध्यात्मिकता ही विकसित भारत 2047 की कुंजी : सी.पी. राधाकृष्णन

उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गुरुग्राम में कहा कि ध्यान, राजयोग और आध्यात्मिक परंपरा विकसित भारत 2047 की आधारशिला हैं। ब्रह्माकुमारी कार्यक्रम में दिया बड़ा संदेश।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Shivam Dixit
Dec 7, 2025, 04:28 pm IST
inभारत, हरियाणा

गुरुग्राम (हि.स.) । भारत के उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत के ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की साधना ने विश्व को ध्यान, आत्मबल और सत्य के मार्ग पर अग्रसर किया है। राजयोग, विपश्यना और तपस्या जैसी समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं आज भारत को विश्वगुरु बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में यही आध्यात्मिक शक्ति राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रही है।

उप-राष्ट्रपति रविवार को गुरुग्राम जिला के बोहड़ाकलां में स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ओम शांति रिट्रीट सेंटर के रजत जयंती वर्ष के रश्मियां कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उप-राष्ट्रपति के हरियाणा आगमन पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने स्वागत किया। उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करके अपने संबोधन में कहा कि ध्यान आत्मा, मन और शरीर को गहन शांति प्रदान करता है। ध्यान की अवस्था में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं और आंतरिक ऊर्जा का संचार होता है। इसी ध्यान की अनुभूति के बीच, समाज के विभिन्न क्षेत्रों – एविएशन, चिकित्सा, विज्ञान, प्रशासन, सामाजिक सेवा और राजनीति से आए हुए व्यक्तित्वों से परिचय हुआ, जो इस बात का प्रमाण है कि ध्यान और आध्यात्मिक शांति हर मनुष्य की आवश्यकता है। उप-राष्ट्रपति ने कहा कि धर्म का पालन शांति और विजय दोनों देता है। मन को जीतना ही सफलता का प्रथम सूत्र है, यही गीता का संदेश है। जब तक हम भीतर सकारात्मकता, विनम्रता और सेवा-भाव नहीं अपनाते, तब तक मन की शांति संभव नहीं। तमिल परंपरा के महान कवि तिरुवल्लुवर ने कहा है-मन में लाखों विचार आते हैं, पर जीवन का अगला क्षण भी निश्चित नहीं। अत: चिंता नहीं, बल्कि सद्कर्म, सद्भाव और समाज-सेवा ही मनुष्य को सच्ची शांति प्रदान करते हैं।

उन्होंने मानवहित में संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना भी की।

उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि हमारी संस्कृति में सदैव केवल अपने ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के कल्याण का संदेश निहित है। उप राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है-यह प्रत्येक मनुष्य के भीतर विद्यमान होती है, बस आवश्यकता है उसे पहचानकर जीवन में उतारने की। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज के ज्यूरिस्ट विंग की अध्यक्ष राजयोगिनी बीके पुष्पा, ओम शांति रिट्रीट सेंटर निदेशक राजयोगिनी बीके आशा, क्षेत्रीय समन्वयक अफ्रीका राजयोगिनी बीके वेदांती, माउंट आबू से महासचिव राजयोगी बीके करुणा, ओम शांति रिट्रीट सेंटर, गुरुग्राम निदेशक राजयोगिनी बीके शुक्ला, महिला विंग अध्यक्ष राजयोगिनी बीके चक्रधारी ने उप राष्ट्रपति का अभिनन्दन किया। इस अवसर पर उप राष्ट्रपति के सेक्रेटरी अमित खरे, डीसी अजय कुमार, ज्वायंट सीपी संगीता कालिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश मोहन, एसडीएम दिनेश लुहाच सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Topics: उपराष्ट्रपति भारतब्रह्माकुमारीजओम शांति रिट्रीट सेंटरगुरुग्राम कार्यक्रमआध्यात्मिकता भारतराजयोगमोदी सरकारविकसित भारत 2047सीपी राधाकृष्णन
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