सीनियर कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की सिख समुदाय के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी पर न केवल उत्तराखंड में बल्कि पंजाब, दिल्ली और दूसरे राज्यों में भी कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। सिख समुदाय के संगठनों ने हरक सिंह रावत के पुतले जलाए और कांग्रेस नेताओं द्वारा सिख समुदाय पर 1984 के दंगों का दर्द एक बार फिर सामने लाया। गौरतलब है कि वकीलों की एक मीटिंग को सपोर्ट करने पहुंचे हरक सिंह रावत ने एक सिख पर तंज कसते हुए कहा था, “बारह बज गए हैं,” हालांकि उन्होंने इसके लिए तुरंत माफी भी मांग ली थी। लेकिन इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरक सिंह रावत को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया।
कांग्रेस पर सिख विरोधी रवैये का आरोप
सिख समुदाय के संगठनों के द्वारा तराई के विभिन्न शहरों में उनके पुतले फूंके गए और उनके द्वारा एक बार पुनः कांग्रेस के नेताओं को 84 के दंगों के लिए जिम्मेदार बताते हुए वक्तव्य दिए गए। भारतीय जनता पार्टी ने भी हरक सिंह रावत के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी ही नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस के अंदर सिखो के प्रति द्वेष हमेशा झलकता है। बीजेपी के मीडिया प्रमुख मनबीर सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस हमेशा सिखो के प्रति अपमानजनक व्यवहार करती है।
तराई में हरक सिंह के बयान के खिलाफ विरोध तेज
सिख कॉर्डिनेशन कमेटी के गुरदीप सिंह साहोता ने कहा कि एक तरफ पूरा देश गुरु तेग बहादुर जी की 350 वें शहादत साल में सिख समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर रहा है और कांग्रेस के नेता हरक सिंह सिक्खों का अपमान कर रहे है।देहरादून के अलावा तराई के नानकमत्ता,खटीमा,काशीपुर,बाजपुर रुद्रपुर,सितारगंज, रुड़की आदि नगरों में भी हरक सिंह रावत के बयान के विरोध में प्रदर्शन हुए है।
सोशल मीडिया पर हरक सिंह रावत का वीडियो वायरल हो जाने के बाद पंजाब में अकाली दल के नेताओं के साथ साथ अन्य संगठनों ने भी इस बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली राजस्थान उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में भी इस मामले में कांग्रेस नेताओं की आलोचना की गई है। उधर कांग्रेस मुख्यालय में हरक सिंह रावत अपने नेताओं के साथ मीडिया के आगे अपनी सफाई देते हुए माफी मांगते हुए नजर आए।

















