शामली / कैराना (उत्तर प्रदेश)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित कैराना हिंदू पलायन (Kairana Hindu Exodus) के मुख्य अभियुक्त और मुकीम काला गैंग के एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी फुरकान को शामली पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. बुधवार दोपहर लगभग 3 बजे झिंझाना थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई इस पुलिस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से चलाई गई गोली लगने से एक पुलिस सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर किया गया है.
फुरकान के खौफ और आतंक के कारण ही वर्ष 2016 में कैराना से लगभग 346 हिंदू परिवारों और व्यापारियों को अपना घर-बार छोड़कर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा था. आरोपी पिछले चार वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था.
दिनदहाड़े व्यापारी नेता की हत्या कर चर्चा में आया था कुख्यात फुरकान
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कैराना के मोहल्ला आर्यपुरी का निवासी फुरकान कुख्यात मुकीम काला गैंग का मुख्य शार्प शूटर था. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट और जानलेवा हमले जैसे दर्जनों जघन्य अपराध के मुकदमे दर्ज थे.
वर्ष 2014 में फुरकान ने कैराना नगर के मुख्य चौक बाजार में दुकान पर बैठे व्यापारी नेता विनोद सिंघल की दिनदहाड़े गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी. फुरकान काफी समय से उनसे मोटी रंगदारी (गुंडा टैक्स) की मांग कर रहा था, और रंगदारी न देने पर उसने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था.
“विनोद सिंघल की हत्या के बाद जेल गए फुरकान ने जमानत पर बाहर आते ही कोल्ड ड्रिंक एजेंसी संचालक ईश्वरचंद उर्फ बिल्लू से रंगदारी मांगी। फुरकान के खौफ से ईश्वरचंद का पूरा परिवार कैराना से पलायन कर पानीपत (हरियाणा) शिफ्ट हो गया था।” – शामली पुलिस सूत्र
कैराना हिंदू पलायन और एनकाउंटर घटनाक्रम के मुख्य तथ्य
| पहलू / विवरण | पुलिस कार्रवाई और मामले का पूरा ब्योरा |
|---|---|
| ढेर हुआ अपराधी | फुरकान (निवासी- आर्यपुरी, कैराना; 1 लाख रुपये का इनामी). |
| संबद्धता / गैंग | मुकीम काला गैंग (पश्चिमी उत्तर प्रदेश). |
| मुठभेड़ का स्थल | झिंझाना थाना क्षेत्र का जंगल, जिला शामली (बुधवार दोपहर 3 बजे). |
| घायल पुलिसकर्मी | पेट में गोली लगने से एक सिपाही घायल; इलाज के लिए मेरठ रेफर. |
| मुख्य ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | 2016 में कैराना से 346 हिंदू परिवारों के पलायन का मुख्य कारण. |
सांसद हुकुम सिंह ने उठाया था 346 हिंदू परिवारों के पलायन का मुद्दा
फुरकान और मुकीम काला गिरोह के लगातार बढ़ते आतंक के कारण कैराना और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया था. इसी बीच 30 मई 2016 को तत्कालीन भाजपा सांसद स्व. हुकुम सिंह ने कैराना से व्यापारियों और हिंदू परिवारों के पलायन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था.
फुरकान का आपराधिक इतिहास और फरारी:
- 2017 में हुई थी पहली बड़ी गिरफ्तारी: पुलिस ने वर्ष 2017 में कांधला क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद फुरकान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
- जमानत के बाद फिर सक्रिय: कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फुरकान जेल से बाहर आया और फिर से रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया.
- 4 साल की फरारी का अंत: पिछले 4 वर्षों से फरार चल रहे फुरकान पर पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसका अंत आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में हो गया.
मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. कुख्यात अपराधी के ढेर होने से कैराना और आसपास के निवासियों तथा व्यापारी वर्ग ने राहत की सांस ली है.











