राम मंदिर धर्मध्वज: कौन से खास सामग्री से बना है, जिस पर सालों तक धूप-बारिश का नहीं होगा असर
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राम मंदिर धर्मध्वज: कौन से खास सामग्री से बना है, जिस पर सालों तक धूप-बारिश का नहीं होगा असर

इस धर्मध्वजा की लंबाई 18 फीट और ऊंचाई 9 फीट है, जबकि इसका वजन मात्र लगभग 2 किलोग्राम है। इसे डिजाइन करते समय यह विशेष ध्यान रखा गया कि यह हल्की होने के साथ-साथ अत्यंत मजबूत भी हो, ताकि इसे मंदिर के शिखर तक आसानी से पहुंचाकर फहराया जा सके।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 6, 2025, 01:04 pm IST
in यात्रा
राम मंदिर धर्मध्वज

राम मंदिर धर्मध्वज

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का मुख्य शिखर ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां धर्मध्वजा फहराई। यह धर्मध्वजा केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक समर्पण और तकनीकी कौशल का अद्वितीय संगम है। इसे देश की प्रतिष्ठित डिफेंस पब्लिक सेक्टर यूनिट, ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) की आयुध पैराशूट फैक्ट्री, कानपुर ने बड़ी निष्ठा और विशेषज्ञता के साथ निर्मित किया है।

इस धर्मध्वजा की लंबाई 18 फीट और ऊंचाई 9 फीट है, जबकि इसका वजन मात्र लगभग 2 किलोग्राम है। इसे डिजाइन करते समय यह विशेष ध्यान रखा गया कि यह हल्की होने के साथ-साथ अत्यंत मजबूत भी हो, ताकि इसे मंदिर के शिखर तक आसानी से पहुंचाकर फहराया जा सके। ध्वजा पर कोविदार वृक्ष और सूर्य के भीतर ओम का प्रतीक अंकित है, जो आध्यात्मिकता और धार्मिक भावना का प्रतीक हैं। धर्मध्वजा के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री का पहले प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी सामग्रियाँ मानक अनुरूप हों और लंबी अवधि तक मौसम या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित न हों। ध्वजा में पैराशूट कपड़े, विशेष प्रकार के धागे और टेप का उपयोग किया गया है, जो इसे न केवल मजबूत बनाते हैं बल्कि हल्का भी रखते हैं। इसका निर्माण इस तरह किया गया है कि यह विपरीत वातावरण में 3-4 वर्षों तक अपनी गुणवत्ता बनाए रख सके। पैराशूट फैब्रिक का चयन विशेष रूप से इसलिए किया गया ताकि ध्वजा न केवल शिखर पर आसानी से फहराई जा सके, बल्कि हवा, वर्षा और धूप जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों का सामना भी कर सके। इस तरह की तैयारी और तकनीकी उत्कृष्टता ने इस धार्मिक प्रतीक को सुरक्षित और दीर्घकालिक बनाया है।

दो सप्ताह में निर्माण- श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने कम वजन, लेकिन मजबूत धर्मध्वजा की आवश्यकता व्यक्त की थी। इसे बनाने की जिम्मेदारी ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई। जीआईएल की टीम ने केवल दो सप्ताह में इस विशेष धर्मध्वजा का निर्माण किया। इस दौरान फैक्ट्री के कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते रहे और सात्विक निष्ठा के साथ इसे तैयार किया। ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि यह धर्मध्वजा विशेष रूप से 18 नंबर में तैयार की गई थी, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी इस प्रयास की सराहना की और इसे राष्ट्र के लिए समर्पित कार्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

राष्ट्र के लिए समर्पित संगठन- ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम है। यह संगठन न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी उच्च गुणवत्ता के पैराशूट निर्माण के लिए जाना जाता है। इस बार, राम मंदिर के लिए ध्वजा तैयार करना इसके लिए गौरव की बात रही। जीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एमसी बालासुब्रमण्यम ने बताया कि संगठन हमेशा राष्ट्र के लिए समर्पित रहा है और धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले कार्यों में भाग लेकर इसे और अधिक गौरवशाली अनुभव होता है। आयुध पैराशूट निर्माणी (OPF) के कुशल कर्मचारियों ने इस धर्मध्वजा को बहुत ही सात्विकता और पवित्रता के साथ तैयार किया।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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