नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया, जो एक दुर्लभ राजकीय स्वागत के रूप में देखा जा रहा है। इस कदम से भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी और दोनों नेताओं के बीच निकट संबंधों को उजागर किया गया। पुतिन की यह भारत यात्रा 2025 दो दिवसीय है।
PM Modi और Putin के बीच पिछले SCO सम्मेलन का उल्लेख
पिछली बार दोनों नेताओं की मित्रता शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन 2025 में दिखाई दी थी। पीएम मोदी और पुतिन ने उस सम्मेलन में ऑरस सेनाट कार में मिलकर यात्रा की थी। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने तक लगभग 10 मिनट इंतजार किया।
पुतिन का भारत में औपचारिक स्वागत
पुतिन के आगमन पर राष्ट्रीय स्तरीय स्वागत समारोह हुआ, जो भारत और रूस के मजबूत द्विपक्षीय संबंध को दर्शाता है। इस यात्रा का उद्देश्य वैश्विक राजनीति में भारत का सामरिक संतुलन बनाए रखना और रूस के साथ आर्थिक तथा सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना है।
मुख्य चर्चा विषय : यूक्रेन, अफगानिस्तान और रणनीतिक साझेदारी
दोनों नेताओं के बीच चर्चा में यूक्रेन संघर्ष, अफगानिस्तान संकट, और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने पर जोर दिया जाएगा। यह पुतिन की पहली भारत यात्रा 2021 के बाद है, जब रूस ने यूक्रेन पर व्यापक आक्रमण किया था।
व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर होगा फोकस
दिल्ली और मॉस्को के बीच कई व्यापारिक समझौते और MoU पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उत्पाद, और ऑटोमोबाइल क्षेत्र शामिल हैं। इस यात्रा से भारत-रूस आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
पुतिन के कार्यक्रम की रूपरेखा
पुतिन राष्ट्रपति भवन में स्वागत समारोह करेंगे और राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता होगी और प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा। शाम को बिजनेस इवेंट में हिस्सा लेने के बाद पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे।
व्यापारिक और निवेश अवसर
पुतिन के साथ बड़ी संख्या में व्यापारी और निवेशक भी आए हैं। भारत का लक्ष्य रूस के साथ व्यापार घाटा कम करना और भारतीय निर्यात को बढ़ाना है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, मरीन प्रोडक्ट्स, ऑटोमोबाइल और रसायन शामिल हैं।
सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सहयोग
इस यात्रा के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान, वैज्ञानिक सहयोग, और लोक-कला एवं शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। यह भारत-रूस लोगों के बीच संबंध को मजबूत करेगा।
2030 तक व्यापार लक्ष्य : USD 100 बिलियन
रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव ने कहा कि भारत और रूस 2030 तक USD 100 बिलियन व्यापार का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। यह तेजी से बढ़ रहे सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी का परिणाम है।
25 वर्ष पुरानी PM Modi और Putin की दोस्ती
पुतिन की यह यात्रा PM Modi और Putin की 25 वर्षीय मित्रता को याद दिलाती है। 2001 में जब पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मॉस्को की यात्रा की थी।

















