अमेरिकी संसद के 44 सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चिठ्ठी लिखकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सांसदों का आरोप है कि पाकिस्तान में सेना द्वारा संचालित सरकार नागरिकों के अधिकारों को दबा रही है और विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिकों को भी धमकाया जा रहा है।
पत्र में पाकिस्तान की बढ़ती तानाशाही और मानवाधिकार हनन का आरोप
यह चिठ्ठी डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल और ग्रेग कासर के नेतृत्व में लिखी गई। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में तानाशाही बढ़ रही है, पत्रकारों को अगवा किया जा रहा है और आलोचना करने वालों को देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। इसमें वर्जीनिया के पत्रकार अहमद नूरानी और संगीतकार सलमान अहमद के परिजनों के अपहरण का भी जिक्र है।
महिलाओं, अल्पसंख्यकों और बलूच लोगों पर अत्याचार की बात उठाई
सांसदों ने कहा कि विपक्षी नेताओं को बिना आरोप जेल में डाला जा रहा है और आम नागरिकों को केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर गिरफ्तार किया जा रहा है। महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों, और खासकर बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचार तेजी से बढ़े हैं।
2024 पाक चुनावों में धांधली और ‘पट्टन रिपोर्ट’ का उल्लेख
चिठ्ठी में 2024 पाकिस्तान चुनावों में हुई भयंकर धांधली का भी जिक्र है, जिस पर स्वतंत्र संस्था की पट्टन रिपोर्ट और अमेरिकी विदेश विभाग दोनों ने गंभीर चिंता जताई थी। रिपोर्ट में चुनावी धांधली और गड़बड़ियों के विस्तृत प्रमाण शामिल हैं। सांसदों के अनुसार इन चुनावों से सिर्फ एक कठपुतली सरकार बनाई गई, जिसे सेना नियंत्रित करती है।
सेना के दबाव में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट
पत्र में यह भी कहा गया कि सेना के दबाव में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि अब आम नागरिकों के केस भी मिलिट्री कोर्ट में चल सकते हैं। इससे न्यायपालिका पर सेना का पूर्ण नियंत्रण बढ़ गया है और किसी भी सैन्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता लगभग बंद हो गया है।
किन प्रतिबंधों को लागू कर सकता है अमेरिका
सांसदों ने पत्र में तीन प्रमुख प्रकार के प्रतिबंधों का उल्लेख किया-
- वीजा बैन – पाकिस्तान के उन अधिकारियों और उनके परिवारों को अमेरिका आने से रोका जा सकता है जो धमकियों, अपहरण या मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल पाए जाएँ।
- संपत्ति जब्ती – अमेरिका या उसके सहयोगी देशों में स्थित संपत्तियों और बैंक खातों को फ्रीज़ किया जा सकता है।
- ग्लोबल मैग्निट्सकी एक्ट – मानवाधिकार उल्लंघन पर आर्थिक और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान।
एक साल में दो बार ट्रम्प से मिले आसिम मुनीर
आर्मी चीफ आसिम मुनीर वर्ष 2025 में दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात कर चुके हैं। 18 जून को व्हाइट हाउस में बंद कमरे में बैठक हुई थी। इस दौरान बाहर प्रदर्शन कर रहे पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिकों ने मुनीर को “तानाशाह” और “कातिल” कहा।
वहीं सितंबर में शहबाज शरीफ और मुनीर ने फिर ट्रम्प से मुलाकात की, जो करीब 1 घंटा 20 मिनट चली।
सांसदों ने दोहराई इमरान खान की रिहाई की मांग
अमेरिकी सांसदों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आज़ादी छीनने वाले पाकिस्तानी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सांसदों ने कहा कि ऐसे कदम अमेरिका की मानवाधिकार प्रतिबद्धता को दर्शाएंगे।
27 दिन बाद हुई इमरान खान की परिवार से मुलाकात
बता दें कि इमरान खान के परिवार ने 27 दिन बाद 2 दिसंबर को उनसे मुलाकात की। इससे पहले परिवार को मिलने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाह फैल गई और पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद परिवार को इमरान से मिलने दिया गया
पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच तनाव के संकेत
वहीं पाकिस्तान में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाने की प्रक्रिया अटक गई है। PM शहबाज शरीफ ने नोटिफिकेशन पर साइन नहीं किए और खुद को इस प्रक्रिया से दूर कर लिया, जिससे सेना और सरकार के बीच तनाव के संकेत मिल रहे हैं।
संवैधानिक संशोधन ने दिया मुनीर को सुपर चीफ का रास्ता
पाकिस्तानी संसद ने 12 नवंबर को 27वां संवैधानिक संशोधन पास किया था, जिससे मुनीर को तीनों सेनाओं का सुपर चीफ बनाया जाना था। इस पद के साथ उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल जाती, यानी वे देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बन जाते।

















