जनता के पैसों से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे नेहरू, सरदार पटेल ने किया था विरोध: राजनाथ सिंह
June 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

जनता के पैसों से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे नेहरू, सरदार पटेल ने किया था विरोध: राजनाथ सिंह

नेहरू ने पटेल की मृत्यु के बाद उनका स्मारक बनाने के लिए जनता की ओर से एकत्रित धन का उपयोग कुओं और सड़कों का निर्माण करने के लिए बेतुका सुझाव दिया था।

Written byसुनीता मिश्रासुनीता मिश्रा — edited by Sudhir Kumar Pandey
Dec 3, 2025, 01:53 pm IST
in भारत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जनता के पैसों (सार्वजनिक धन) से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनकी इस योजना को सफल नहीं होने दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेहरू ने पटेल की मृत्यु के बाद उनका स्मारक बनाने के लिए आम लोगों की ओर से एकत्रित धन का उपयोग कुओं और सड़कों का निर्माण करने के लिए बेतुका सुझाव दिया था। केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार (2 दिसंबर) को सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में वडोदरा के निकट साधली गांव में आयोजित ‘एकता मार्च’ के तहत एक सभा को संबोधित करते हुए ये दावे किए।

सरदार पटेल ने पब्लिक फंड से बाबरी मस्जिद नहीं बनने दी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए पटेल को एक सच्चा उदारवादी और धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति बताया, जिन्होंने कभी भी तुष्टीकरण में विश्वास नहीं किया। उन्होंने कहा, “जवाहरलाल नेहरू पब्लिक फंड से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे। अगर किसी ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था, तो वह गुजराती मां के बेटे सरदार वल्लभभाई पटेल थे। उन्होंने पब्लिक फंड से बाबरी मस्जिद नहीं बनने दी।”

सोमनाथ मंदिर के कार्य पर सरकार का एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया

उन्होंने कहा कि जब नेहरू ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर को पुनर्स्थापित करने का मुद्दा उठाया, तो पटेल ने स्पष्ट किया कि मंदिर एक अलग मामला है क्योंकि इसके सौंदर्यीकरण के लिए आम लोगों द्वारा 30 लाख रुपये दान किए गए थे। सिंह ने आगे कहा, “एक ट्रस्ट बनाया गया था और सोमनाथ मंदिर के कार्य पर सरकार का एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया। इसी तरह, सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए एक भी रुपया नहीं दिया। पूरा खर्च देश की जनता ने उठाया। इसे ही असली धर्मनिरपेक्षता कहते हैं।”

कुछ राजनीतिक ताकतों ने पटेल की विरासत मिटाने की कोशिश की

राजनाथ सिंह ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू 1946 में कांग्रेस के अध्यक्ष तब बने जब महात्मा गांधी की सलाह पर सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने दावा किया, “1946 में कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था। कांग्रेस कमेटी के अधिकांश सदस्यों ने वल्लभभाई पटेल के नाम का प्रस्ताव रखा, लेकिन जब गांधीजी ने पटेल से अनुरोध किया कि वे नेहरू को अध्यक्ष बनने दें और अपना नामांकन वापस ले लें, तब पटेल ने तुरंत अपना नाम वापस ले लिया।” सिंह ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतों ने पटेल की विरासत को मिटाने की कोशिश की थी। सरदार पटेल प्रधानमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्हें कभी किसी पद की लालसा नहीं की। नेहरू के साथ वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने उनके साथ काम किया। उन्होंने आगे यह भी कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका ने पटेल को इतिहास के पन्नों में एक चमकते सितारे के रूप में फिर से स्थापित किया।”

Topics: राजनाथ सिंहबाबरी मस्जिदBabri MasjidRajnath Singh claims Jawaharlal NehruNehru build Babri Masjidजवाहरलाल नेहरूRajnath Singh
सुनीता मिश्रा
सुनीता मिश्रा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री। इग्नू दिल्ली से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री। पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- भारत की मर्जी से रुका था ‘ऑपरेशन सिंदूर’, आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है पाक

‘ऑपरेशन सिंदूर को हमने अपनी शर्तों पर लिया…भारत बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा’: राजनाथ सिंह

होर्मुज में रुकावट भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालेगी: राजनाथ सिंह

भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में बढ़ रही हैं आगे (चित्र- प्रतीकात्मक )

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: सीमाओं से सदन तक, महिला सैन्य अधिकारियों का नया अध्याय

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

बंगाल में सत्ता में आने पर ‘लव जिहाद’ और बहुविवाह खत्म करेंगे, नहीं बनने देंगे बाबरी मस्जिद : अमित शाह

पाकिस्तान ने दी कोलकाता पर हमले की धमकी, राजनाथ सिंह ने कहा- ‘टुकड़े-टुकड़े कर देंगे’

Load More

ताज़ा समाचार

पर्यावरण दिवस पर विशेष : प्रकृति ही परमात्मा

rss karyakarta vikas varg nagpur concludes kumar mangalam birla speech

“संघ का कार्य अभूतपूर्व है” : नागपुर में बोले कुमार मंगलम बिरला, ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ के समापन पर दिया बड़ा मंत्र

rss karyakarta vikas varg nagpur mohan-bhagwat speech kumar mangalam birla

“दुनिया को भारत की आवश्यकता है” : डॉ. मोहन भागवत जी

rss path sanchalan karyakarta vikas varg nirala nagar lucknow

लखनऊ: RSS के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ का भव्य पथ संचलन, घोष की धुन और कदमताल से दिखा अनुशासन का अद्भुत नजारा

विश्व पर्यावरण दिवस :- स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन : आज की सबसे बड़ी आवश्यकता

5 जून का पंचांग

5 जून पंचांग: किस समय करें शुभ कार्य, क्या कहती है ग्रहों की स्थिति?

Constitution expert Dr Subhash Kashyap passes away

संविधान विशेषज्ञ और पद्म भूषण डॉ. सुभाष कश्यप का 97 वर्ष की उम्र में निधन, संसदीय जगत में शोक की लहर

ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी: बड़े मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी, लिखा- बदला, बदला, बदला

bijnor umar international meat factory-sealed 168 crore assets attached in cow smuggling

बिजनौर: ‘फिश फूड’ की आड़ में गोतस्करी, अतीक अहमद की 168 करोड़ की मीट फैक्ट्री सील

बशीर बद्र (फाइल फोटो)

असली जमींदार कौन? भारत की मिट्टी पर अधिकार: कब्रों से या कर्तव्यों से?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies