पाञ्चजन्य दंतेश्वरी डायलॉग: अरविंद नेताम ने खोली राजनीति और नक्सल गठजोड़ की पोल
June 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

पाञ्चजन्य दंतेश्वरी डायलॉग: अरविंद नेताम ने खोली राजनीति और नक्सल गठजोड़ की पोल

नवा रायपुर में 'दंतेश्वरी डायलॉग' के दौरान कन्वर्जन, नक्सलवाद, संघ के साथ अनुभव और मोदी-शाह की निर्णायक नीति पर रखे गए विचारों का विस्तृत सार

Written byShivam DixitShivam Dixit — edited by Sudhir Kumar Pandey
Dec 2, 2025, 06:31 pm IST
in भारत, छत्तीसगढ़, पाञ्चजन्य इवेंट

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में पाञ्चजन्य के ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में इंदिरा गांधी और नरसिंह राव सरकार के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री रहे जनजातीय नेता और समाज सेवी अरविंद नेताम ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि माननीय राम दत्त जी सहित सभी अतिथि गणों, भाइयों और बहनों, पाञ्चजन्य परिवार ने मुझे इस कार्यक्रम के लिए बुलाया, उसके लिए मैं उनका आभार प्रकट करता हूं। मैं कुछ विषयों पर अपने मन की बात और जीवन के अनुभव रखने का प्रयास करूंगा।

श्री अरविंद नेताम ने कहा कि  संघ का शताब्दी वर्ष है, और मुझे भी जून में नागपुर के वार्षिक कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि बनने का अवसर मिला। वह अवसर मेरे जीवन में अद्भुत है। इसलिए भी अद्भुत है कि मेरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बहुत गहरा रिश्ता नहीं रहा, पर राजनीति में रहने के कारण भारतीय जनता पार्टी और जनसंघ से जरूर जुड़ा रहा हूं। मैं पूर्व में पहली बार नागपुर गया था, वहीं मेरी सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत जी से भेंट हुई। तब मैंने उनसे एक ही बात कही कि डॉक्टर साहब, इस देश में एक कहावत है, उसे आपने झूठा साबित कर दिया।

कहावत यह है कि “उगते सूरज को हर कोई सलाम करता है, डूबते सूरज को कोई नहीं करता।” मैं तो डूबता सूरज भी नहीं हूं मैं तो डूब चुका हूं, राजनीति से संन्यास ले चुका हूं, समाज में छोटा-मोटा काम करता रहता हूं। तो डूबते हुए आदमी को भी प्रमुख अतिथि बनाकर संघ ने जो किया, वह मेरे जीवन का अद्भुत अनुभव है। दो दिन के प्रवास में संघ को जानने का प्रयास किया और एक बहुत अच्छा अनुभव लेकर नागपुर से लौटा।

कन्वर्जन और नक्सलवाद दो सबसे महत्वपूर्ण विषय

आज का विषय दो प्रमुख बातों से जुड़ा है—एक कन्वर्जन, जो मेरे जीवन का सबसे प्रमुख विषय है कि धर्मांतरण के खिलाफ समाज को कैसे जागृत किया जाए। दूसरा नक्सलवाद, क्योंकि मैं बस्तर से आता हूं और नक्सलवाद को शुरू से देखा है। ये दोनों विषय आज भी बस्तर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

भारत में नक्सलवाद

इस देश में नक्सलवाद या लेफ्ट मूवमेंट कोई नई बात नहीं है। आज़ादी से पहले भी भूमि आंदोलन निजाम-शाही में हुआ, बाद में नक्सलबाड़ी क्षेत्र में बड़ा आंदोलन हुआ। उस समय मैं संसद में था और इंदिरा जी की तरफ से नक्सलवाद पर अध्ययन करने को कहा गया था। तब इस आंदोलन को समझने का अवसर मिला। मैंने कभी नहीं सोचा था कि बस्तर में वैसी स्थिति आएगी, जैसी एक समय में नक्सलबाड़ी में थी।

संविधान-विरोधी रवैये से असहमति

नक्सलवाद की एक बात से मैं सहमत नहीं था कि आप संविधान नहीं मानेंगे, कानून नहीं मानेंगे। राजनीति में रहते हुए हम कहते थे कि नक्सलियों को भी देश के निर्माण में संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और गरीब समाज, विशेषकर आदिवासी समाज का भला करना चाहिए। पर नक्सलवाद बाहर से आई पॉलिटिकल थ्योरी पर टिका था, और उसका प्रभाव देश ने बहुत झेला। यदि शुरुआत से इनकी सोच सकारात्मक होती, तो देश और आदिवासी समाज के लिए बहुत कुछ हो सकता था, पर नहीं हुआ।

सरकारों की उदासीनता और भ्रमित जिम्मेदारियाँ

संसद और मंत्रालय में रहते हुए मैं नौकरशाहों और नेताओं से पूछता था—नक्सलवाद की जड़ क्या है? मूल कारण क्या है? पर सही जवाब कभी नहीं मिला। मामला बढ़ने पर सरकारें जागती थीं, पर जिम्मेदारी को लेकर भ्रम हमेशा रहा। केंद्र कहता था राज्य निपटे, हम मदद को तैयार हैं। राज्य कहते थे- हम सक्षम नहीं, केंद्र से मदद चाहिए। इस चक्कर में समस्या पर गंभीरता से चर्चा ही नहीं हुई।

राजनीतिक सच्चाई :शंकर चव्हाण और एनटीआर

जब शंकर चव्हाण गृह मंत्री थे, मैं कैबिनेट में था। उनसे कहता था—साहब, इसका राजनीतिक समाधान निकालिए। सरकार चली गई तो एक दिन मैंने उनसे पूछा आप प्रतिक्रिया क्यों नहीं देते थे? उन्होंने कहा- एक बार एनटीआर (उस समय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री) दिल्ली आए। मैंने उनसे पूछा—नक्सलवाद पर गंभीरता से काम करते हैं? तो एनटीआर ने कहा- चौहान साहब, मेरे विधानसभा चुनाव में 6 महीने बचे हैं, अभी कोई छेड़छाड़ मत कीजिए, बाद में देखेंगे। यह सुनकर मैंने समझ लिया कि समस्या हल क्यों नहीं हुई क्योंकि जिस देश में कुछ राजनीतिक दल नक्सलियों की “पूंछ पकड़कर वैतरणी पार” करना चाहते हों, वहां समाधान कैसे मिलेगा?

मोदी सरकार द्वारा निर्णायक समाधान

जो कमी उस जमाने में थी, उसे आज के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ने लगभग सुलझा दिया। कई राज्य ऐसे रहे, जिन्होंने नक्सलियों के प्रभाव का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। कांग्रेस पार्टी हमेशा सॉफ्ट रही। बीजेपी आने के बाद नीति सख्त हुई। मैं मजाक में कहता हूं- नक्सलवाद और बीजेपी का रिश्ता नेवले-सांप जैसा है। खैर, देर आए दुरुस्त आए मोदी जी ने अमित शाह जी के साथ मिलकर दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ समाधान निकाला, जो अब सार्थक हो रहा है।

Topics: Bastar PoliticsChhattisgarh Naxal problemPanchjanya EventBastar NaxalismDanteshwari SamvadNarendra Modi policyAmit Shah strategyConversion Issue IndiaRSS Nagpur ProgramAnti-Naxal Approach
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 106 नक्सलियों ने किया सरेंडर

31 मार्च 2026 : खत्म हो जाएगा नक्सलवाद! जानिए ‘लाल गलियारे’ के अंत की कहानी

पाञ्चजन्य के कार्यक्रम में कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. श्रीनिवास वरखेडी

“वसुधैव कुटुम्बकम्: शिक्षा और वैश्विक परिवर्तन का सूत्र”

पाञ्चजन्य के कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री भारत सरकार श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी

विकसित भारत का आधार सांस्कृतिक विरासत: गजेंद्र सिंह शेखावत जी

पाञ्चजन्य दंतेश्वरी डायलॉग: समरसता का असली अर्थ क्या है? आचार्य युवराज ने बताया जगन्नाथ प्रभु का असली नाम

Danteshwari Samvad OP Chaudhary

दंतेश्वरी Dialogue: वित्तमंत्री ओपी चौधरी बोले-बस्तर बनेगा इको-टूरिज्म और ऑर्गेनिक हब

Load More

ताज़ा समाचार

संघ का लक्ष्य भारत को विश्व गुरु बनाना है: उन्नाव में संघ शिक्षा वर्ग का समापन, अनिल जी ने बताया पंच परिवर्तन का महत्व

yug pravartak dr hedgewar play staged successfully in bengaluru

बेंगलुरु: ‘युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ नाटक का हुआ मंचन, जीवंत अभिनय से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध, मुक्तकंठ से हुई प्रशंसा

Cockroach Cocktail Meme Politics CJP Exposed

जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में जुटे 2000 लोग, विदेशी मीडिया ने नेपाल-बांग्लादेश जैसा Gen Z आंदोलन बताया

CJP की सदस्यता लेने से मना करने पर डॉक्टर को पीटा

UP News: डॉक्टर ने ठुकराई ‘कॉकरोच पार्टी’ की सदस्यता, युवक ने अस्पताल में शुरू कर दी मारपीट

प्रतीकात्मक तस्वीर

पारसी महिला और मुस्लिम से शादी: अंतिम संस्कार हिंदू परंपरा से

प्रतीकात्मक तस्वीर

बंगाल के सभी मदरसों का होगा सर्वे, 5 जुलाई तक देनी होगी पूरी जानकारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

पश्चिम बंगाल को मिला बड़ा तोहफा, बुलेट ट्रेन और 1 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाओं का ऐलान

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक

पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

Illegal Mosque built on Nali

भारत से लेकर जापान और ग्रीस तक अवैध मस्जिदों का जाल, अतिक्रमण हटाने पर क्यों फिर बवाल?

PM Kisan Yojana

PM Kisan 23वीं किस्त का इंतजार होने वाला है खत्म ? जानिए कब आ सकते हैं 2,000 रुपये और किन बातों का रखना होगा ध्यान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies