इस्लामिक संस्था जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक बार फिर से अपना कट्टरपंथी चेहरा दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक फैसले पर सवाल खड़े किए। साथ ही कहा कि जब-जब मुसलमानों पर जुल्म होगा तब-तब जिहाद होगा। इस पर अब विश्व हिन्दू परिषद के विनोद बंसल ने तंज कसा कि इस तरह का बयान देकर मदनी पूरे मुस्लिम समुदाय को जिहादी बताने की कोशिश कर रहे हैं।
कौन है मौलाना महमूद मदनी?
मौलाना महमूद मदनी जमीअत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष है। मदनी अक्सर इस्लाम के नाम पर मुसलमानों को भड़काते रहे हैं। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भी निशाने पर ले लिया। मदनी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट को ‘सुप्रीम’ तभी कहा जा सकता है जब वो संविधान और कानून के हिसाब से चले। अगर दबाव में फैसले आते हैं, तो ये सुप्रीम कहने का हक नहीं रखता। मदनी ने जहरीले बयान दिए कि बाबरी मस्जिद, ट्रिपल तलाक में न्याय पर सियासत हावी हो गई। मदनी का आरोप है कि बीते कुछ वर्ष से सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार के दवाब में काम कर रही है।
मदनी का बयान-जिहाद होगा
मदनी ने जिहाद के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि आजकल ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’, ‘तालीम जिहाद’ या ‘थूक जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए हो रहा है। ये शब्द जिहाद को हिंसा या गाली का नाम बना देते हैं, जबकि कुरान में इसका मतलब बिल्कुल अलग है। मदनी का दावा है कि जिहाद का असली अर्थ है नेकी का रास्ता अपनाना। युद्ध के संदर्भ में भी ये सिर्फ जुल्म रोकने के लिए है। उन्होंने कहा, “जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा।” मदनी के अनुसार, भारत में मुसलमान पीड़ित हैं। मौलवी ने ये भी जोड़ा कि इस्लाम के दुश्मन जिहाद को गलत तरीके से पेश करते हैं, ताकि मुसलमानों को बदनाम किया जा सके।
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घर वापसी पर उगला जहर
यहीं नहीं मौलवी घर वापसी को धर्मान्तरण से जोड़ते हुए कहा कि देश में धर्मांतरण के कानून तो सख्त हैं, जो लोगों को डराते हैं। संविधान में धार्मिक आजादी का हक है, लेकिन ये कानून उसे कमजोर कर देते हैं। कोई अपना धर्म चुनना चाहे तो सजा का डर, लेकिन ‘घर वापसी’ के नाम पर जबरन या बिना सवाल के धर्म बदलवाना हो रहा है? घर वापसी करने वालों से कोई सवाल नहीं, न कार्रवाई। लेकिन दूसरी तरफ डर और सजा। हालांकि, मदनी ये भूल गया कि इस्लामिक कन्वर्जन लोगों को ब्लैकमेल करके, धमकाकर किया जाता है। ऐसे बहुत ही कम मामले हैं, जिनमें लोग स्वेच्छा से इस्लाम कबूलते हैं।
वहीं मदनी के बयान पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां मुस्लिम सबसे सुरक्षित हैं। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के विनोद बंसल ने तंज कसा कि इससे पूरा मुस्लिम समुदाय जिहादी नजर आता है। वे बोले, “मदनी साहब अदालत को सर्टिफिकेट देंगे कि वो सुप्रीम है?” दूसरी तरफ, बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जुल्म रहेगा तो जिहाद रहेगा—इससे सहमत होना ही पड़ेगा। लेकिन उन्होंने ये भी जोड़ा कि मदनी का बयान उनकी संस्था के ग्रंथों से पूरी तरह मेल नहीं खाता।

















