बरेली जनपद में एक फार्मासिस्ट को सुंदर लड़की से विवाह और पैसों का लालच देकर कन्वर्जन कराया गया। पीड़ित युवक का कन्वर्जन कराने के बाद उसे धोखे से गोमांस खिलाया गया। पैसे का लालच देकर मुंबई में 14 बैंक खाते खुलवाए गए। उसके खातों के माध्यम साइबर फ्राड किया गया। साइबर फ्राड में पीड़ित को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहां से जमानत पर रिहा होने के बाद युवक ने बरेली के थाना विशारतगंज में अभियुक्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
अंबरीश का आरोप है कि कुछ समय बाद समीर उसे मस्जिद ले जाता था। मस्जिद में मौलाना के सामने उसको कलमा पढ़वाया गया। कन्वर्जन कराने के बाद उसका नाम बदलकर रजा रख दिया गया। वर्ष 2023 तक अंबरीश से हर जुमे को नमाज पढ़वाई गई। कन्वर्जन कराने के बाद समीर ने अंबरीश को साहिल से मिलवाया। दोनों ने मिलकर अंबरीश को सुंदर लड़की से शादी करवाने और पैसे का लालच दिया। समीर और साहिल उसे मुंबई लिवा गए। मुंबई में उन लोगों ने आसिफ खान और अनस कुरैशी से मिलवाया। इसके बाद अंबरीश के नाम पर 14 बैंक खाते खुलवाए गए। इन सभी बैंक खातों के कागजात अभियुक्तों ने अपने पास रख लिए। इन बैंक खातों को साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किया गया। उसके बाद गत जुलाई में पश्चिम बंगाल की पुलिस ने अंबरीश को साइबर अपराध के मामले में गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद अंबरीश लगभग 3 महीने जेल में रहा। जमानत मिलने पर वह रिहा हुआ। उसके बाद अंबरीश ने बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी और इस मामले में शिकायत दर्ज कराई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने समीर और इमरान को गिरफ्तार किया।
अंबरीश ने बताया कि उसको धोखे से गोमांस खिलाया जाता था। काफी बाद में उसको पता चला कि धोखे से उसे गौमांस खिलाया जा रहा था। इस बात की जानकारी उसके परिवार को भी नहीं थी। जब उसकी गिरफ्तारी हुई तब परिवार को पूरे प्रकरण के बारे में पता चला। अम्बरीश का आरोप है कि एक यह गिरोह है जो भोले भाले लोगों को भ्रमित करके कन्वर्जन कराता है। यह लोग नए युवकों को अपने जाल में फंसा कर उसके नाम से बैंक अकाउंट खुलवाते हैं और फिर बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए करते हैं।

















