पटना (हि.स.) । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने सियासत में बड़ा उलटफेर किया है। सत्ता पाने की आस लगाए बैठे महागठबंधन को बिहार की जनता ने उम्मीदों के आसमान से असलियत की जमीन पर लाने का काम किया है। बिहार की राजनीति में एमवाई (मुस्लिम-यादव) फैक्टर की बड़ी गूंज सुनाई देती है।
महागठबंधन में शामिल राजद, कांग्रेस और वाम दलों का प्रमुख वोट बैंक यही माना जाता है, लेकिन इस बार महागठबंधन की बजाय राजग को ‘एमवाई फैक्टर’ यानी महिला + युवा का मजबूत समर्थन मिला है, जिसने मुस्लिम–यादव समीकरण को मात दे दी।
नीतीश कुमार का नया एमवाई फार्मूला : महिला + युवा
बिहार में NDA के चहरे नीतीश कुमार ने इस बार एमवाई (महिला + युवा) फैक्टर को ऐसा बूस्टर डोज दिया कि महागठबंधन पूरी तरह फंस गया। जिस एमवाई (मुस्लिम + यादव) समीकरण पर लालू-तेजस्वी की राजनीति दशकों से टिकी थी, उसी को नीतीश ने महिला + युवा में बदल दिया और वह भी इतनी चालाकी से कि महागठबंधन समझते-समझते देर हो गई।
मुस्लिम बहुल इलाकों में भी राजग के पक्ष में अधिक वोट पड़े और कई उम्मीदवार वहीं से जीतकर आए हैं।
राजनीति में नया मोड़ : नीतीश का जमीन से जुड़ा मास्टरस्ट्रोक
इस भारी जीत के पीछे सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है नया एमवाई फार्मूला। विश्लेषकों के अनुसार दशकों से बिहार की राजनीति में एमवाई का मतलब रहा मुस्लिम + यादव, लेकिन इस बार NDA ने इसे पूरी तरह बदलकर नया अर्थ दे दिया—महिला + युवा।
जिसके तहत महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, शराबबंदी, सुरक्षा योजनाएं और लड़कियों की शिक्षा ने महिला मतदाताओं को मजबूत रूप से राजग से जोड़ दिया।
वहीं युवाओं को नौकरी, कौशल विकास और जंगलराज की याद दिलाकर राजग ने युवा मतदाताओं को साधा।
महिला मतदाता बनी निर्णायक शक्ति
विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव के मुख्य मुद्दों में से एक था मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजना। इस योजना ने महिला मतदाताओं में राजग के पक्ष में मजबूत लहर पैदा की। उद्देश्य था महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
रिकॉर्ड मतदान : महिलाओं और युवाओं की भारी भागीदारी
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए और इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ। दोनों चरणों में 67% वोट पड़े। पुरुषों से 4,34,000 अधिक महिलाओं ने मतदान किया। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6% जबकि पुरुषों का 62.8% रहा। युवाओं और महिलाओं के उत्साह ने चुनाव का पूरा समीकरण बदल दिया।
मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें
मतदान केंद्रों के बाहर महिलाओं की लंबी कतारों ने संकेत दे दिया था कि इस बार के नतीजे ऐतिहासिक होंगे। पंजीकृत पुरुष मतदाता लगभग 3.94 करोड़, जबकि पंजीकृत महिला मतदाता लगभग 3.51 करोड़ थीं।
मुस्लिम बहुल इलाकों में भी राजग को अप्रत्याशित समर्थन
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुस्लिम बहुल इलाकों में भी इस बार राजग को अपेक्षा से अधिक वोट मिले। इसके चलते महागठबंधन का पारंपरिक वोट बैंक बिखर गया। रुझान साफ इशारा कर रहे हैं कि बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार का सुशासन मॉडल जनता की पहली पसंद बना है।
NDA की रणनीति बनाम तेजस्वी का नारा
NDA की तरफ से नीतीश कुमार ने इस चुनाव में महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर रणनीति बनाई। जहां तेजस्वी यादव ‘पढ़ाई-कमाई-दवाई‘ का नारा दे रहे थे, वहीं नीतीश ने महिलाओं के लिए किए ठोस काम और युवाओं को जंगलराज की याद दिलाकर चुनावी मैदान पलट दिया।

















