
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े कई जम्मू-कश्मीर के निवासियों की गिरफ्तारी के बाद हुई है। इस मॉड्यूल ने देशभर में कई संभावित आतंकवादी हमलों की योजना बनाई थी।
हाल ही में जारी सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी को बदरपुर बॉर्डर से राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करते हुए देखा गया। फुटेज में उमर अपनी i20 कार से टोल प्लाज़ा पर रुके और नकद राशि जमा करते दिखे।
सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली ब्लास्ट केस के आरोपी डॉ. उमर और डॉ. मुज़म्मिल की डायरी बरामद की, जिसमें 8 से 12 नवंबर की तिथियां दर्ज थीं, जो इस घटना की योजना की पुष्टि करती हैं। डायरी में लगभग 25 व्यक्तियों के नाम भी दर्ज हैं, जिनमें अधिकांश जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद के निवासी हैं।
उधर, दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां रेड फोर्ट के पास हुए कार ब्लास्ट की साइट पर गहन जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम ने वाहन के अवशेषों का परीक्षण शुरू कर दिया है ताकि विस्फोट के कारण और प्रकार का पता लगाया जा सके।
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने न्यू लाजपत राय मार्केट से एक शव अवशेष बरामद किया, जो कि इस विस्फोट में 12 लोगों की मौत का सबूत है। यह जांच अब भी जारी है और आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े अन्य तत्वों का पता लगाया जा रहा है।