गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गांधीनगर के अडालज क्षेत्र से तीन खतरनाक आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी अहमद मोहिउद्दीन सैयद साइनाइड तैयार कर घातक जहर बनाने की साजिश में शामिल था। गुजरात एटीएस की एक टीम ने हैदराबाद में स्थित उसके आवास पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में जहरीला रसायन बनाने का कच्चा माल बरामद किया गया है। टीम ने सभी रासायनिक सामग्री जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान एटीएस भी जांच में शामिल
तीनों आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस और राजस्थान एटीएस की टीमें भी गुजरात एटीएस कार्यालय पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, ये तीनों आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हैं और कश्मीर के लगातार संपर्क में रहते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि अहमद मोहिउद्दीन हाल ही में दिल्ली के आजाद मैदान और अहमदाबाद नरोडा फल मंडी गया था। अब यह जांच चल रही है कि कहीं कश्मीरी सेब की आड़ में कोई संदिग्ध सामान देश के अलग-अलग हिस्सों में तो नहीं भेजा गया था।
हैदराबाद में बना रहा था कट्टरपंथी नेटवर्क
एटीएस की जांच में पता चला है कि हैदराबाद का वह इलाका, जहां तीनों आतंकी रहते थे, पहले से ही कट्टरपंथियों से प्रभावित था। डॉ. अहमद सैयद ने वहां तीन युवकों को कट्टर विचारधारा अपनाने और अपनी आतंकी टीम बनाने की शपथ दिलाई थी। वह एक बड़ी आतंकी संगठन की टीम तैयार करने की साजिश रच रहा था। फिलहाल, तीनों आतंकियों के मोबाइल डेटा रिकवर किए जा रहे हैं, जिससे कई अहम राज खुलने की संभावना है।
गुजरात एटीएस ने अडालज और छत्राल में की पूछताछ
एटीएस टीम ने तीनों आतंकियों को अडालज और छत्राल ले जाकर पूछताछ की। आतंकी आजाद सुलेमान और सुहैल को कलोल के छत्राल में ले जाकर पंचनामा किया गया, जबकि अहमद सैयद से अडालज में पूछताछ हुई। अब गुजरात एटीएस की टीम दिल्ली जाकर आतंकवादियों की संलिप्तता की जांच आगे बढ़ाएगी।
साइनाइड से भी घातक जहर बनाने की थी साजिश
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अहमद मोहिउद्दीन सैयद और उसकी टीम साइनाइड से भी अधिक घातक जहर तैयार कर रही थी। वे इसे खाने-पीने की वस्तुओं में पाउडर के रूप में और पानी में तरल रूप में मिलाने की योजना बना रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि मोहिउद्दीन डेढ़ महीने पहले अहमदाबाद आया था और एक पार्सल में पैसे लेकर लौटा था।
हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी
मोहिउद्दीन के लिए हनुमानगढ़ से हथियार लेकर आए उत्तर प्रदेश के सुहैल और आजाद सुलेमान को आदेश दिया गया था कि वे कलोल पहुंचकर विशेष स्थानों से हथियार इकट्ठा करें। यह जांच अभी जारी है कि हथियार कहां और किसने रखे थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क भारत में जहर और हथियारों के ज़रिए बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की साजिश में शामिल था।

















