कर्णावती/अमदाबाद। गुजरात में रथयात्रा से पहले ATS ने मध्यप्रदेश और गुजरात में ऑपरेशन कर 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से सक्रिय थे और गुजरात में आतंकी संगठन को सक्रिय करने के लिए काम कर रहे थे। इस बारे में सूचना मिलने पर ATS ने पांच अलग-अलग टीमें बनाकर बड़ा ऑपरेशन किया। ATS ने गुजरात के 4 जिलों और मध्यप्रदेश के देवास में रेड कर 8 आतंकियों को पकड़ा है। सभी आतंकियों की 14 दिन की रिमांड कड़ी कोर्ट ने मंजूर की है।
ATS को सूचना मिली थी कि मेहसाणा, बनासकांठा और पाटण के कुछ लोग जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। इस सूचना के आधार पर अलग-अलग टीमें रवाना की गईं। गुजरात में बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी और पाटण में रेड की गई। मध्यप्रदेश के देवास में भी जांच की गई। सभी जगहों से मिलाकर 8 आतंकियों को पकड़ा गया।
पाकिस्तान के हैंडलर का मानते थे आदेश
पकड़े गए आतंकियों के पास से मिले मोबाइल फोन से कई खुलासे हुए हैं। दो आरोपियों को पहले पकड़ा था, बाद में 6 आरोपियों को पकड़ा गया है। आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली लिखित सामग्री मिली है और जिहादी फ्लैग भी मिले हैं। आवाजाही के लिए एक कार भी खरीदी थी। सभी आतंकी पाकिस्तानी हैंडलर अब्दुला का आदेश मानते थे।

मदरसे में पढ़ते और पढ़ाते थे आतंकी
सभी आतंकी ज्यादातर गुजरात में आतंकवादी नेटवर्क खड़ा करने का प्रयास कर रहे थे, ऐसा प्राथमिक जांच में सामने आया है। आतंकी पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के शख्स से बात करते थे, यह पता चला है। आतंकियों को 3 लाख रुपये की फंडिंग भी की गई थी। आतंकी मदरसे में पढ़ते और पढ़ाते थे।
मसूद अजहर से प्रभावित थे आतंकी
सभी आतंकी मसूद अजहर से प्रभावित थे और किसी पर भी भरोसा नहीं करते थे। जिहाद में विश्वास करने वालों से ही वे संपर्क रखते थे। मसूद अजहर के कई वीडियो वे देखते थे। आतंकियों में अहमद और इब्राहिम मुख्य सूत्रधार होने का पता चला है। हालांकि रथयात्रा को नुकसान पहुंचाने के लिए कोई रेकी की हो, ऐसा पुलिस जांच में सामने नहीं आया है।
गुजरात के सदस्यों को जोड़ने के लिए बनाई थी तंजीम
आतंकियों ने जैश-ए-मोहम्मद के लिए गुजरात में “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से तंजीम बनाई थी, जिसमें 8 सदस्य जुड़े थे। अपने इलाके के अन्य लोगों को वे सदस्य बनाने का काम करते थे। आतंकी पाकिस्तानी हैंडलर अब्दुल्लाह और मोहम्मद उमर के संपर्क में रहकर जैश-ए-मोहम्मद के जिहादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद कर उसकी विचारधारा का प्रचार करते थे। आतंकी जैश-ए-मोहम्मद की ओर से गुजरात के षड्यंत्र को अंजाम देने का काम करते थे और इसके लिए उन्हें 3 लाख रुपये की फंडिंग भी मिली थी। इसी पैसे से आतंकियों ने एक पुरानी कार खरीदी थी जिसे अभी तक अपने नाम नहीं करवाया था। जैश-ए-मोहम्मद की ओर से आतंकियों ने वडोदरा में एक शख्स के साथ गुप्त बैठक भी की थी।
मसूद अजहर द्वारा लिखी पाकिस्तानी किताबें मिलीं
आतंकियों के पास से मसूद अजहर द्वारा लिखी किताबें मिली हैं। ये किताबें पाकिस्तान में छपी हैं। संगठन में जुड़ने के लिए मसूद अजहर को संबोधित कर उर्दू में लिखे 8 पत्र भी मिले हैं। आतंकी इब्राहिम और जकरिया ने मसूद अजहर की किताब ‘दर्स ए जिहाद’ का गुजराती में अनुवाद किया था। यह किताब भी मिली है।

















