भुवनेश्वर: राज्य के क्योंझर जिले में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं के प्रयासों से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे एक वाहन से 16 मवेशियों को बचाया गया। राज्य में पशु तस्करी रोकने में प्रशासन की निष्क्रियता के कारण जनता में रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मवेशियों को राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के माध्यम से संबलपुर से पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। क्योंझर जिले में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को इस मामले के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। जब मवेशियों से भरा वाहन क्योंझर के जुड़िया इलाके से निकलने की कोशिश कर रहा था, तो वहां पहले से खड़े बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे रोक लिया। इसके तुरंत बाद गौरक्षकों ने स्थानीय पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। गौरक्षकों से जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने एक आईचर ट्रक (ओड–05–डी–0190) को जब्त किया, जिसमें 16 गौवंशों को भर कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था।
इस मामले में पुलिस ने अल्लाउदीन शेख समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। राज्य में गौवंश की तस्करी लगातार हो रही है और इसमें किसी प्रकार की रोक न लगने के कारण स्थानीय लोगों में रोष है। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने बताया कि यह वाहन संबलपुर से निकला था और पश्चिम बंगाल जा रहा था। जहां से निकला था, उस स्थान से 10 थाना क्षेत्रों को पार करता हुआ यहां पहुंचा था। उन थाना क्षेत्रों से यह वाहन आसानी से बिना किसी रोक-टोक के आ गया। यदि पुलिस प्रशासन मुस्तैद होती, तो इसे पहले ही पकड़ लिया जा सकता था। इससे स्पष्ट है कि गौतस्करी को रोकने के लिए प्रशासन नाकाम है। पुलिस प्रशासन के पास इस काम को सही ढंग से करने की आवश्यक इच्छाशक्ति का अभाव स्पष्ट दिख रहा है।
उन्होंने बताया कि केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, ओडिशा से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए भी गौतस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध तरीके से गौवंश को ले जाने के लिए कठोर कानून हैं। आवश्यकता इस बात की है कि जो कानून विद्यमान हैं, उन्हें कड़ाई से लागू किया जाए। लेकिन पुलिस और प्रशासन अपने इस कार्य को सही ढंग से नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि गौवंश की तस्करी राज्य में कम नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए कटक हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार को गौतस्करी रोकने के लिए आवश्यक और पर्याप्त कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया था। न्यायालय के निर्देश का भी प्रशासन पर कोई असर नहीं दिख रहा है।

















