Trump Lie on Operation Sindoor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कलई खुल चुकी है कि उनका कोई भरोसा नहीं है कि वो कब क्या बोल दें। ट्रंप हर दिन कोई न कोई झूठ परोसते रहते हैं। वो ये भी भूल जाते हैं कि वह अमेरिका जैसे देश के राष्ट्रपति हैं। ऐसा ही एक और झूठ उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बार फिर से बोला है। ये वो दावा है कि जो पहले खारिज हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई रुकवाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। बुधवार (5.11.2025) को फ्लोरिडा के मियामी में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने नया शिगूफा छोड़ा कि उन्होंने ट्रेड डील कैंसल करने की धमकी देकर दोनों देशों को शांति के लिए मजबूर किया।
खुद को शांति का मसीहा बताने के चक्कर में ट्रंप ने ये भी कह दिया कि उनके ऑफिस में नौ महीने में आठ जंगें सुलझाई हैं। उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा, “मैं दोनों के साथ ट्रेड डील कर रहा था, तभी अखबार में पढ़ा कि वो जंग लड़ने वाले हैं।”
ट्रंप की नई कल्पना
ट्रंप ने अपनी कल्पना को जारी रखते हुए डिटेल में बताया। उन्होंने कहा कि जंग के दौरान कुल आठ प्लेन गिराए गए थे—पहले वो सात का दावा कर चुके थे। उन्होंने कहा, “मैंने कहा, ये जंग है, और दोनों न्यूक्लियर पावर हैं। मैं तुम्हारी ट्रेड डील नहीं करूंगा जब तक शांति न हो।” 9 मई को उन्होंने भारत और पाकिस्तान से ये बात कही। अगले ही दिन, 10 मई को दोनों देशों ने सीजफायर का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा, “एक दिन बाद फोन आया कि हमने शांति कर ली। उन्होंने लड़ना बंद कर दिया। मैंने कहा, थैंक यू, अब ट्रेड करें।” टैरिफ को क्रेडिट देते हुए उन्होंने जोड़ा, “टैरिफ ने ये किया… बिना टैरिफ के ये कभी न होता।” ट्रंप का कहना है कि न्यूक्लियर रिस्क के बीच उनकी इस चेतावनी ने काम किया।
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भारत और पाक पर टैरिफ का बोझ
ट्रंप ने टैरिफ को ही हीरो बना दिया। पाकिस्तान पर 19 फीसदी टैरिफ है, लेकिन भारत को ज्यादा झेलना पड़ा। पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया, क्योंकि अमेरिकी सामान पर भारत के टैरिफ सबसे ज्यादा हैं। फिर, यूक्रेन जंग खत्म करने के चक्कर में ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ ठोंका। कुल 50 फीसदी हो गया। वजह? भारत का रूसी तेल खरीदना और BRICS ग्रुप में हिस्सा, जो ट्रंप के मुताबिक एंटी-अमेरिकन पॉलिसी को बढ़ावा दे रहा है। ट्रंप ने ट्रेड डील को शांति का हथियार बनाया, कहा कि जंग रुकी तो डील चलेगी।
भारत ने बार-बार किया है इनकार
भारत ने ट्रंप के दावे को बार-बार नकारा है। इस साल कनाडा के जी7 समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप का दावा गलत है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस स्टेटमेंट में बताया, “ट्रंप से बात के दौरान कभी भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमेरिका की मीडिएशन पर चर्चा नहीं हुई।” भारत का स्टैंड क्लियर है—सीजफायर DGMO लेवल पर हुई बातों से हुआ, न कि अमेरिकी दबाव से।
ऑपरेशन सिंदूर
ये सब मई 2025 के आसपास की घटनाएं हैं। अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद तनाव भड़का। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया—एक ट्राई-सर्विस स्ट्राइक, जो पाकिस्तान और पीओके में टेरर कैंप्स को टारगेट कर रही थी। पाकिस्तान ने जवाब दिया, जिसमें प्लेन गिराने जैसे हमले हुए। दोनों तरफ से ड्रोन और मिलिट्री एक्शन चले। न्यूक्लियर पावर होने के बावजूद डीजीएमओ मीटिंग्स से सीजफायर हो गया। ट्रंप का दावा है कि उनकी धमकी ने इसे रोका, लेकिन भारत कहता है कि ये दोनों देशों की अपनी डिप्लोमेसी थी।

















