भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को सतना के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल पहुंचे। ये वही स्कूल है जहां उन्होंने 1971-72 में चौथी क्लास पढ़ी थी। पूरे 55 साल बाद लौटे जनरल साहब को छात्रों, टीचरों, पुराने स्टूडेंट्स और शहर के लोगों ने जोरदार स्वागत दिया। मंच पर चढ़ते ही वो भावुक हो गए और बोले कि यहीं से उन्हें फैसले लेने की ताकत मिली, जो सेना में कई बड़े कामों में काम आई। खासकर ऑपरेशन सिंदूर में, जो सबसे अहम रहा। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए सबको एकजुट होने को कहा।
बचपन की यादें ताजा हुईं
स्कूल परिसर में कदम रखते ही जनरल द्विवेदी की पुरानी यादें लौट आईं। उन्होंने टीचरों और स्कूल फैमिली को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को एक आकार दिया और देश सेवा का जज्बा जगाया। कार्यक्रम में वर्तमान छात्रों के साथ ही पूर्व छात्र और भारी संख्या में लोग भी मौजूद रहे। स्कूल वालों ने उनका सम्मान किया। सतना शहर के लिए ये पल गर्व का था, क्योंकि जनरल साहब का बचपन यहीं गुजरा।
ऑपरेशन सिंदूर: धर्म युद्ध
जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में खुलकर बात की। बोले, ये कोई आम जंग नहीं थी, बल्कि धर्म युद्ध था। इसका मकसद दुश्मन को हराना नहीं, बल्कि देश की एकता, संप्रभुता और शांति को दोबारा कायम करना था। इसने पूरे समाज को एक धागे में बांधने का काम किया। उन्होंने इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखने का खुलासा करते हुए बताया कि मां-बहन-बेटियां जब माथे पर सिंदूर लगाती हैं, तो सिपाही को याद करती हैं। ये ऑपरेशन हर इंडियन के दिल में राष्ट्रभक्ति का सिंदूर भर गया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इसमें मोरल वैल्यूज, प्रिंसिपल्स और टेक्नोलॉजी का बैलेंस था। किसी मासूम को नुकसान नहीं पहुंचाया, न ही नमाज या प्रार्थना के वक्त अटैक किया। ये हमारी इंडियन कल्चर की निशानी है।
स्टूडेंट्स को दिया ये संदेश
स्टूडेंट्स से बात करते हुए जनरल बोले कि सक्सेस की बुनियाद स्टूडेंट लाइफ में ही पड़ती है। जो आज मेहनत करेगा, वही कल कंट्री बिल्डिंग का बेस बनेगा। चाहे आर्मी यूनिफॉर्म में हो या सिविलियन ड्रेस में, लेकिन कंट्री लव और सर्विस का फीलिंग कभी कम न हो। उन्होंने छात्रों को सफलता का मंत्र भी दिया। ये मंत्र है ‘थ्री ए’ अटिट्यूड (सॉफ्ट माइंडसेट, जो एनर्जी देता है), एडॉप्टेबिलिटी (टाइम के साथ खुद को चेंज करना), और एबिलिटी (हर फील्ड में कामयाबी पाने की ताकत)।

















