अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस इन दिनों एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। मिसिसिपी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में इमिग्रेशन नीति पर चर्चा के दौरान उनसे एक भारतीय मूल की महिला ने सवाल किया, जिसके बाद मामला उनके निजी जीवन तक पहुंच गया। महिला ने न सिर्फ प्रवासियों के अधिकारों पर सवाल उठाया, बल्कि वैंस की हिंदू पत्नी के धर्म परिवर्तन पर भी बात छेड़ दी। कार्यक्रम के दौरान जेडी वैंस ने ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका को सीमित और जांचे-परखे प्रवासियों को ही स्वीकार करना चाहिए। तभी दर्शकों में बैठी एक भारतीय मूल की महिला खड़ी हुई और बोली – “आप कहते हैं कि यहां बहुत प्रवासी आ गए हैं, लेकिन आने के लिए तो आपने ही हमें प्रेरित किया था। हमने मेहनत की, पैसा लगाया, अब आप हमारे लिए दरवाजे क्यों बंद कर रहे हैं?”यह सुनते ही हॉल तालियों से गूंज उठा।
इसके बाद महिला ने वैंस से निजी सवाल किया “आपकी पत्नी हिंदू हैं, क्या आप चाहते हैं कि वह आपका मत अपनाएं या उनके विश्वास का सम्मान करते हैं?” इस पर वैंस ने जवाब दिया, “मैं ईसाई हूं और चाहता हूं कि मेरी पत्नी भी इस मत को समझे लेकिन अगर वो ऐसा नहीं करतीं तो भी कोई बात नहीं। ईश्वर ने सबको अपनी फ्री विल दी है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने कहा कि यह धार्मिक पूर्वाग्रह दिखाता है, जबकि कुछ ने बचाव किया कि उन्होंने केवल अपनी आस्था व्यक्त की है। जेडी वैंस की पत्नी उषा चिलुकुरी वैंस भारतीय मूल की एक कुशल वकील हैं, जिनकी जड़ें आंध्र प्रदेश से जुड़ी हैं। दोनों की मुलाकात येल लॉ स्कूल में हुई थी।

















