केरल के गुरुवायूर में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में बायो पार्क में यह प्रतिमा अनावरण की गई थी। इस प्रतिमा में गांधीजी के चश्मे और लाठी का चित्रण किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह “गांधी जी से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती”।
अनावरण के दौरान लोग हुए हैरान
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब गुरुवायूर नगर पालिका के चेयरमैन एम. कृष्णदास और आईएएस अधिकारी दिव्या एस. अय्यर ने इस प्रतिमा का अनावरण किया, तो भीड़ स्तब्ध रह गई। कई लोग आपस में फुसफुसाते सुने गए – “क्या यह गांधीजी हैं.?”
विपक्षी दलों और इंटरनेट पर फूटा गुस्सा
विपक्षी दलों ने इस प्रतिमा की आलोचना करते हुए नगर पालिका पर महात्मा गांधी का अपमान करने का आरोप लगाया। इंटरनेट पर भी लोगों ने नाराज़गी जताई। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने लिखा – “100% साक्षरता वाले केरल से एक और रत्न! अगर आप सोच रहे हैं कि यह प्रतिमा किसकी है, तो यह गांधीजी की बताई जा रही है! यह ताज़ा गलती गुरुवायूर म्यूनिसिपल पार्क में लगाई गई है।”
‘मैंने इसमें गांधीवादी विचार डाले हैं’ : मूर्तिकार
विवाद के बीच मूर्तिकार ने अपने काम का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मैंने इस डिजाइन में गांधीवादी विचारों को समाहित किया है।”
मूर्तिकार के अनुसार यह प्रतिमा वास्तविक नहीं बल्कि अमूर्त (abstract) शैली में बनाई गई है।

















