केरल में विधानसभा चुनाव में अलग-अलग एग्जिट पोल में कांग्रेस पार्टी नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के सरकार बनाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। लगातार दो बार विपक्ष में रहने के बाद केरल में यूडीएफ को सत्ता में वापस लौटने की उम्मीद है। केरल में 1982 के बाद 2021 में पहली बार हुआ था जब कि सत्ताधारी गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने सत्ता में वापसी की थी और यूडीएफ लगातार दूसरी बार विपक्ष में बैठने को मजबूत हुई थी।
चुनाव बाद स्थिति का मूल्यांकन करते हुए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने कांग्रेस पार्टी पर अभी से ही अपना दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आईयूएमएल केरल के अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने स्पष्ट तौर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार बनने की स्थिति में पिछले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। यह आईयूएमएल का कांग्रेस पार्टी पर दबाव की राजनीति की शुरुआत है।
क्या है IUML की असली मंशा
आईयूएमएल ने अपने इस व्यक्तित्व से कांग्रेस पार्टी और यूडीएफ के सहयोगियों की मंशा को भांपने के बाद अपनी अगली योजना को उजागर करेगी. आईयूएमएल आनेवाले समय में अपने लिए उपमुख्यमंत्री पद की मांग और उसके बाद मुख्यमंत्री पद के अदल-बदल के प्रक्रिया की भी मांग करेगी। पाञ्चजन्य ने चुनाव पूर्व ही कांग्रेस पार्टी को इस तथ्य से सचेत किया था कि आईयूएमएल चुनाव बाद कांग्रेस पार्टी को निर्देशित करेगी और अपनी मांगों को आगे बढ़ाएगी।
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दरअसल आईयूएमएल चुनाव बाद राजनीतिक स्थिति का लाभ लेना चाहती है। केरल में अधिकतर एग्जिट पोल ने यूडीएफ के सरकार बनाने की सम्भावना व्यक्त की है मगर लगभग सभी एग्जिट पोल ने यूडीएफ को केरल विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिए 71
विधायकों के संख्या के करीब ही यूडीएफ के सदस्य संख्या बताई है। इसका स्पष्ट मतलब है कि कांग्रेस पार्टी को आईयूएमएल को वैशाखी के तोर पर हमेशा इस्तेमाल करना पड़ेगा।
IUML की कठपुतली बनी कांग्रेस
आईयूएमएल यूडीएफ के इस परिस्थिति का इंतज़ार लंबे समय से कर रही थी जब कांग्रेस पार्टी गठबंधन में उसके बगैर कोई भी निर्णय नहीं ले सके। यह स्थिति आईयूएमएल के लिए सबसे हितकर है। अब वो कांग्रेस पार्टी को अपने निर्देशों पर संचालित करेगी। इस स्थिति का लाभ उठाकर आईयूएमएल अपने लिए उपमुख्यमंत्री पद की भी मांग करेगी। आने वाले समय में आईयूएमएल मुख्यमंत्री पद पर कांग्रेस के साथ समयबद्ध अदल-बदल की भी मांग कर सकती है।
मुख्यमंत्री उम्मीदवार पर आईयूएमएल की इस तरह की मांग पर श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के जनरल सेक्रेटरी वेल्लापल्ली नटेसन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इससे स्पष्ट होता है, अगर यूडीएफ सत्ता में आती है तो आईयूएमएल का ही राज होगा। वेल्लापल्ली नटेसन ने आगे कहा की अगर ऐसा होता है, तो राज्य में अराजकता होगी।
















