आईआईटी और आईआईएम में प्रवेश का मतलब विदेश में अच्छी नौकरी या सिविल सर्विसेज की गारंटी समझी जाती है। लेकिन बिहार स्थित छपरा के शशांक ने आईआईटी से ग्रेजुएट होने के बावजूद बिहार में रहकर ही कुछ बड़ा करने का सपना देखा और उसे सच भी कर दिखाया। उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘देहात’ (DeHaat) नाम की कंपनी की शुरुआत की, जो आज देशभर के लाखों किसानों के लिए एक भरोसेमंद मंच बन चुकी है। यह कंपनी किसानों को तकनीक, कृषि इनपुट, फसल सलाह और बाजार तक पहुंच जैसे समाधान एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराती है।
शशांक की मां शिक्षिका और पिता बिहार नेशनल इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में कार्यरत थे। शशांक ने प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय से स्कूली शिक्षा पूरी की। 2008 में आईआईटी, दिल्ली से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। आईआईटी से पास होने के बाद शशांक ने लगभग ढाई वर्षों तक बीकन एडवाइजरी सर्विसेज नामक कंसल्टेंसी कंपनी में काम किया। लेकिन किसानों की स्थिति उन्हें कुछ अलग करने के लिए प्रेरित करती थी। सन् 2011 में उन्होंने अपने आईआईटी, खड़गपुर के दोस्त मनीष कुमार के साथ मिलकर ‘फर्म एंड फॉर्मर्स’ नाम की एक संस्था शुरू की। उसके द्वारा किसानों को लाभकारी फसल लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद 2012 में ‘ग्रीन एग्रोवोलूशन’ नामक सामाजिक उद्यम की नींव रखी।
यही आगे चलकर ‘देहात’ बनी। शशांक प्रारंभिक दिनों को याद कर भावुक हो जाते हैं। वे जब किसानों से मिलने जाते थे तो लोग उन्हें अनसुना कर देते थे। उन्हें लगता था कि 24 साल का एक युवक खेती के बारे में क्या जानता होगा? हालांकि अब मनीष कंपनी से अलग हो चुके हैं। लेकिन दूसरे पेशेवर साथी जो आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी से पढ़े हैं, वे साथ हैं। कंपनी का दफ्तर पटना और गुरुग्राम में स्थित हैं।
क्या है देहात
देहात एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह छोटे किसानों को एक नेटवर्क से जोड़ता है। यह नेटवर्क माइक्रो-बिजनेस मालिकों का है जो बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण जैसी जरूरी चीजें किसानों तक उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा ये किसानों को फसल से जुड़ी सलाह और उपज बेचने के लिए बाजार से संपर्क भी दिलाते हैं।
कहां तक पहुंचा
कंपनी के सीईओ शशांक कुमार बताते हैं कि 2023 में देहात का टर्नओवर 80 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 2,300 करोड़ हो गया था। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी का मुख्य कारण किसानों को इनपुट सप्लाई और उनके उत्पादों की देश-विदेश में बिक्री थी। साल 2022 में कंपनी का टर्नओवर 1,250 करोड़ के करीब था। वर्तमान में यह कंपनी 12 भारतीय कृषि राज्यों में कार्य कर रही है। इससे 18 लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। कंपनी एआई आधारित कृषि सलाह भी किसानों को देती है।















