मिर्जापुर । जिगना थाना क्षेत्र के कुशहां गांव के तिवारीपुर मजरा में मजार हटाए जाने के बाद स्थिति शांत है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल को तैनात किया गया है। सार्वजनिक तालाब के किनारे जमीन पर कुछ दिनों से मजार निर्माण का कार्य चल रहा था। बुधवार को मजार की तस्वीरें सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। दोनों पक्षों की बात सुनने और ग्रामीणों के बीच चर्चा के बाद देर रात मजार को ध्वस्त कर दिया गया।
सीओ लालगंज अशोक कुमार सिंह ने बताया कि राम नारायण सिंह और परिजनों ने अंधविश्वास के चलते चबूतरा बनाया था। जिसे ग्रामीणों ने आपसी सहमति से हटा दिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है।
हिंदू क्षत्रिय वाहिनी संगठन के जिलाध्यक्ष मुन्ना सिंह गहरवार ने बताया कि उनकी बिरादरी के एक परिवार के द्वारा मजार बनवाया था। गहरवार ने आरोप लगाया कि मजार के नाम पर कमाई का धंधा किया जा रहा था।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में देवी-देवताओं की पूजा होती है, फिर मजार बनाने की क्या जरूरत थी।
गांव के दिलीप सिंह ने कहा कि यह राजपूत बहुल गांव है। मजार बनने की खबर की पुष्टि के लिए बच्चों को भेजा गया, जिन्होंने देखा कि मजार बनाया गया था और उस पर चादर चढ़ाई गई थी। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और सामूहिक निर्णय के बाद मजार को ध्वस्त कर दिया गया।

















