महाराष्ट्र के कांदिवली इलाके में दिवाली के अवसर पर पटाखे फोड़ने को लेकर कट्टरपंथी मुस्लिमों और एक हिंदू परिवार के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन कट्टरपंथी मुस्लिमों आलम खान, अजान खान और ताहिर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है कि यह मामला केवल पटाखे फोड़ने को लेकर है या फिर कोई पुरानी रंजिश के तहत यह सब किया गया है। सोशल मीडिया पर हिंसक झड़प का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मामूली बहस के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े और आसपास के लोग उन्हें अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। हिंसा में हिंदू परिवार के दो सदस्यों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने दिवाली के शुभ अवसर पर इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया।
दो भाइयों आलम खान, अजान खान के साथ उनका रिश्तेदार ताहिर हुसैन गिरफ्तार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मंगलवार (21 अक्टूबर) शाम की बताई जा रही है। कांदिवली इलाके में स्थित एकता नगर में एक हिंदू परिवार अपने घर के बाहर पारंपरिक रूप से पटाखे फोड़ रहा था। तभी सामने रहने वाले मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने शोर और धुएं को लेकर आपत्ति जताई। शुरू में यह एक सामान्य बहस थी, लेकिन देखते ही देखते मामूली विवाद मारपीट में बदल गया। वहां मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि मुस्लिम पक्ष के लोगों ने गुस्से में आकर हिंदू परिवार पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इसके जवाब में दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। कांदिवली पुलिस स्टेशन को सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर दो सगे भाइयों आलम खान, अजान खान और उनके रिश्तेदार ताहिर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी पक्ष सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाए और शांति बनाए रखे।
आरोपियों ने लोहे की रॉड से मारा, महिला को भी नहीं छोड़ा
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता अजय चौहान और उनकी मौसी का लड़का अपने घर के बाहर पटाखे फोड़ रहे थे। तभी उनके घर के सामने रहने वाले आरोपी ने अब्बा को अस्थमा है यह कहकर पटाखे फोड़ने पर आपत्ति जताई। इसको लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मामूली बहस कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। इस दौरान आरोपियों ने शिकायर्ता और उसके भाई को लोहे की रॉड से मारा। इसमें दो लोग घायल हुए है, जिसमें एक महिला भी है।
‘मुस्लिम परिवार सभी हिंदू त्यौहारों पर झगड़ा करता है’
पीड़ित परिवार को कहना है कि चाहे होली हो, दिवाली हो या फिर गणेशोत्सव ये मुस्लिम परिवार हमारे सभी हिंदू त्यौहारों पर आपत्ति जताते हैं। यही नहीं जन्मदिन और शादी के मौके पर भी ये लोग अड़चन पैदा करते हैं। ये लोग हमें यहां पर शांति से नहीं रहने देते हैं। शिकायर्ता ने बताया, “मैं पटाखे जला रहा था, तभी बड़ा भाई मेरे पास आया और बोला कि पटाखे मत जला। इस पर मैंने कहा कि दो पटाखे बचे हैं उन्हें जला लेने दो फिर हम बंद कर देंगे। इस पर आरोपियों ने कहा कि अगर तू पटाखे जलाने बंद नहीं करेगा, तो हम तेरे घर में पटाखे फोड़ेंगे। ये कहकर उन्होंने पटाखों को लात मर दूसरी तरफ फेंक दिया। इसके बाद उसका छोटा भाई आया और मेरे साथ हाथापाई करने लगा उसने मुझे जमीन पर पटक दिया, जिससे मेरे सिर में चोट लग गई। उसने मुझे मारने के लिए आठ-नौ लोग और बुला लिए।
‘तीनों ने मां को बाल पकड़ कर सीने पर मारा’
पीड़ित युवक की माता ने कहा,” गणपति में भी ये लोग मारते हैं। हर त्यौहार में ये लोग हमसे झगड़ा करते हैं। इन लोगों ने मेरे बेटे को पटाखे फोड़ने को लेकर जमीन पर पटक-पटककर कर मारा और जब मैं छुड़ाने के लिए गई तो उन्होंने मुझे भी बाल पकड़ कर मारा। तीनों ने मेरे सीने पर भी मारा।”

















