राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एक सदी से भारत को एक गौरवशाली राष्ट्र के रूप में पुनः स्थापित करने के लक्ष्य के साथ अथक प्रयास कर रहा है। इस दौरान संघ को अनेक उतार-चढ़ाव, आलोचनाओं और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, लेकिन वह अपने उद्देश्य से कभी विचलित नहीं हुआ। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं संपर्क विभाग के पूर्व क्षेत्र प्रमुख विद्युत मुखर्जी ने कटक के एक होटल के सभागार में आयोजित ‘आरएसएस-एक शताब्दी’ नामक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहीं।
मुखर्जी ने कहा कि भारत की परिवार प्रणाली विश्व में अद्वितीय है और इसे संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पश्चिमी देशों में पारिवारिक मूल्यों का क्षरण विभिन्न सामाजिक विकृतियों को जन्म दे रहा है। इसके विपरीत भारत में पारिवारिक एकता और सामूहिकता की भावना आज भी जीवित है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को टूटने से बचाने के लिए समाज को जागरूक होना होगा और इसे बचाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आरएसएस ओडिशा (पूर्व) प्रांत संघचालक समीर कुमार महांती ने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य केवल संगठन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को विश्व गुरु के रूप में पुनः स्थापित करना है। आरएसएस संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का मानना था कि जब तक हिंदू समाज संगठित नहीं होगा, तब तक राष्ट्र का पुनर्निर्माण असंभव है। उन्होंने कहा कि संघ के दैनिक शाखा कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों में समाज, राष्ट्र और मातृभूमि के प्रति समर्पण और सेवा की भावना विकसित होती है।
महांती ने आगे कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वर्ष 2025 में देशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान, स्वयंसेवक सामाजिक परिवर्तन के पांच प्रमुख क्षेत्रों – सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन, पारिवारिक प्रबोधन, आत्मनिर्भर जीवनशैली और नागरिक कर्तव्य की भावना में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि संघ इन पांच परिवर्तनकारी विषयों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रोटरी क्लब ऑफ कटक मिलेनियम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनंग मोहन द्विवेदी और रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3262 के पूर्व गवर्नर अशोक बिहारी महापात्रा ने संयुक्त रूप से की। अधिवक्ता सर्वेश्वर बेहरा ने सेमिनार का संचालन किया, जबकि डॉ. नारायण महंती ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर रोटरी जिला के पूर्व प्रांतपाल देवाशीष मिश्र, शांतनु कुमार पाणि सहित अनेक रोटेरियन और बुद्धिजीवी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में संघ के कटक विभाग संघचालक किशोर कुमार महांती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मिनार में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए संघ का योगदान अनुकरणीय रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में संघ के आदर्श और कार्य भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और वैभवशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
















