नई दिल्ली: साल 2025 की वायुसेना की रैंकिंग में भारत ने अपने पड़ोसी देश चीन को पछाड़ दिया है। भारत से पिछड़ते ही चीन तिलमिला उठा है और उसकी बौखलाहट सामने आई है। दरअसल दुनिया के एयर फोर्सेज की रैंकिंग में भारत की रैंकिंग चीन से आगे है। इसे चीन बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और उसने अनगल बयान दिया है।
वायुसेना की रैंकिंग में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर
भारत वायुसेना की रैंकिंग में दुनिया में तीसरे नंबर पर है। अमेरिका और रूस के बाद तीसरा नंबर भारतीय वायुसेना का है। भारत की इस ताकत को चीन पचा नहीं पा रहा है। WDMMA की लिस्ट में वह भारत से पिछड़ गया तो कहने लगा कि असली तुलना युद्ध के मैदान में होती है, कागज पर नहीं। WDMMA दुनियाभर के एयर फोर्सेज की रैंकिंग जारी करता है। इस साल की रैंकिंग में पहला नंबर अमेरिकी एयरफोर्स का है। अमेरिकी वायुसेना ने 242 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। उसके बाद 114 अंकों के साथ रूस की वायुसेना ने दूसरा स्थान हासिल किया। 69.4 अंकों के साथ भारत की वायुसेना तीसरे स्थान पर है। जबकि चीन 63.8 पवाइंट्स के बाद भारत से नीचे हैं। जापान की एयरफोर्स 58.1 प्वाइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है।

वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट की इस रिपोर्ट में 103 देशों और 129 फोर्सेज को शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट को वायुसेना की समग्र ताकत के आधार पर तैयार किया गया है।
भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत को पचा नहीं पा रहा चीन
इससे पहले चीन की वायुसेना तीसरे नंबर पर थी। अब वह इस तिकड़ी से बाहर हो गई तो चीन तिलमिला उठा। उसके सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीनी एक्सपर्ट के हवाले से कहा है कि असली तुलना जंग के मैदान में होती है। दरअसल जिस तरह से हाल ही में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया वह भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत का एक उदाहरण भर था। जिसे पूरी दुनिया ने देखा। लेकिन चीन और पाकिस्तान को भारत की यह ताकत रास नहीं आ रही। ग्लोबल टाइम्स ने एक चीनी विशेषज्ञ के हवाले से लिखा है कि रैंकिंग कागजों पर बेस्ड नहीं बल्कि असली क्षमताओं के आधार पर होनी चाहिए। यहां तक की चीनी इस रिपोर्ट को मजाक बता रहे हैं और कह रहे हैं कि भारतीय वायुसेना अमेरिका, रूस और फ्रांस का कॉकटेल है। लेकिन असल में चीन भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत से परेशान है और अंदर से तिलमिला उठा है।

















