ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का साथ देने का खामियाजा: भारतीय पर्यटकों ने तुर्की-अजरबैजान की लगा दी लंका
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ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का साथ देने का खामियाजा: भारतीय पर्यटकों ने तुर्की-अजरबैजान की लगा दी लंका

ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्की और अजरबैजान में भारतीय पर्यटकों की संख्या 56% तक घटी। ट्रैवल साइट्स पर बॉयकॉट, कैंसिलेशन 250% बढ़े। जानें लेटेस्ट टूरिज्म आंकड़े और असर।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Oct 19, 2025, 07:51 am IST
in विश्व
Turikiye azerbaijan tourism falls after operation Sindoor

प्रतीकात्मक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों के कायराना हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। तीन दिनों के युद्ध में पाकिस्तान के साथ तुर्की और अजरबैजान खुलकर खड़े रहे। इसका खामियाजा ये हुआ इन दोनों ही देशों में टूरिस्ट्स के आंकड़ों में भारी गिरावट देखने को मिली। लेटेस्ट टूरिज्म आंकड़ों से पता चलता है कि इन देशों में आने वाले भारतीयों की तादाद में जबरदस्त कमी आई है। खासकर अजरबैजान में गिरावट ज्यादा गहरी है, जहां मई से अगस्त तक 56 फीसदी कम भारतीय आए। तुर्की में भी 33.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

ट्रैवल बुकिंग साइट्स पर छाया बॉयकॉट

ऑपरेशन सिंदूर के बाद की हफ्तों में भारतीय टूरिस्ट्स का ट्रैफिक इन देशों में अचानक लुढ़क गया। मई में ही ट्रैवल पोर्टल्स पर बुकिंग्स में नोटिसेबल ड्रॉप दिखा, और पहले से बुक टिकटों के कैंसिलेशन बढ़ गए। कुछ कंपनियों ने तो सीधे फ्लाइट और होटल बुकिंग बंद कर दीं। जैसे, Ixigo और Cox & Kings ने तुर्की-अजरबैजान के लिए सर्विसेज रोक दीं।

मेकमाईट्रिप और ईजमाईट्रिप जैसी बड़ी साइट्स ने तो खुलकर नॉन-एसेंशियल ट्रैवल के खिलाफ एडवाइज जारी किया। मेकमाईट्रिप ने 14 मई को स्टेटमेंट दिया, “पिछले एक हफ्ते में भारतीय ट्रैवलर्स के सेंटिमेंट्स बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। अजरबैजान और तुर्की के लिए बुकिंग्स 60 फीसदी कम हो गईं, जबकि कैंसिलेशन 250 फीसदी बढ़ गए। हम राष्ट्र के साथ खड़े हैं और आर्म्ड फोर्सेस का सम्मान करते हुए नॉन-एसेंशियल ट्रिप्स न करने की सलाह देते हैं। हमने प्लेटफॉर्म पर इन जगहों के लिए सभी प्रमोशन्स बंद कर दिए हैं।”

अजरबैजान: 2 लाख से 44000 पर सिमटे टूरिस्ट

अजरबैजान टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, भारत को उनका ‘की टारगेट मार्केट’ माना जाता था। 2024 में भारतीय विजिटर्स 2.44 लाख तक पहुंच गए थे, जो 2023 के 1.17 लाख से दोगुना था। यहां तक कि 2014 में तो सिर्फ 4,853 भारतीय आए थे। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने सब बदल दिया। जनवरी-अप्रैल 2025 में 33 फीसदी सालाना ग्रोथ हुई, 81,000 भारतीय आए, जो कि इसी अवधि में पिछले साल के मुकाबले 61,000 से ज्यादा पर्यटक आए थे। लेकिन मई-अगस्त में ये संख्या लगभग 44,000 रह गई, जो पिछले साल के करीब एक लाख से 56 फीसदी कम है।

इसे भी पढ़ें: ‘नो किंग्स प्रोटेस्ट’: ट्रंप के 50 राज्यों में 2,700+ जगहों पर विरोध प्रदर्शन, क्या हैं आरोप?

कुल मिलाकर, जनवरी-अगस्त में 1.25 लाख भारतीय पहुंचे, जो 22 फीसदी की गिरावट है। अगस्त में तो सिर्फ 6,032 भारतीय आए, जो पिछले साल के 21,137 से 72 फीसदी कम। भारत अब टॉप-5 सोर्स मार्केट्स से फिसलकर 11वें नंबर पर आ गया। ये आंकड़े दुखी करते हैं, क्योंकि अजरबैजान भारतीयों के बीच नई डेस्टिनेशन बन रहा था, डायरेक्ट फ्लाइट्स से कनेक्टिविटी बढ़ रही थी।

तुर्की की भी बैंड बजी

तुर्की के कल्चर एंड टूरिज्म मिनिस्ट्री के डेटा से साफ है कि मई-अगस्त में भारतीयों की संख्या 33 फीसदी गिरकर 90,400 रह गई, जबकि 2024 के वैसे ही चार महीनों में 1.36 लाख थे। जनवरी-अप्रैल 2025 में 83,300 भारतीय आए, जो पिछले साल के 84,500 से थोड़ा कम। कुल जनवरी-अगस्त में 1.74 लाख, 21 फीसदी की सालाना ड्रॉप। 2024 में पूरे साल 3.31 लाख भारतीय तुर्की गए, 2023 के 2.74 लाख से 21 फीसदी ज्यादा। 2022 में 2.32 लाख थे। इस्तांबुल एयरपोर्ट का ट्रांजिट हब स्टेटस मजबूत था, वेस्ट एशिया टेंशन्स के बावजूद।

DGCA के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में भारत-तुर्की डायरेक्ट फ्लाइट्स पर 5.05 लाख पैसेंजर्स उड़े, 2023 के मुकाबले 15 फीसदी बढ़त। इसमें ट्रांजिट वाले भी शामिल हैं। अजरबैजान के लिए डायरेक्ट पैसेंजर्स 2024 में 80,567 हो गए, 2023 के 28,899 से कूद। नई फ्लाइट्स से ट्रैफिक बूम हुआ, लेकिन ज्यादातर भारतीय ही थे – फॉरेनर्स न के बराबर। ये नंबर्स दिखाते हैं कि कैसे सपोर्ट का फैसला टूरिज्म को झटका दे गया।

Topics: पहलगाम हमलाऑपरेशन सिंदूरOperation Sindoorभारतीय पर्यटक तुर्की अजरबैजान बॉयकॉटतुर्की अजरबैजान पाकिस्तान समर्थनटूरिज्म ड्रॉपट्रैवल कैंसिलेशनIndian tourists Türkiye Azerbaijan Boycottभारतीय पर्यटकTürkiye Azerbaijan Pakistan supportIndian touriststourism dropPahalgam attacktravel cancellation
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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