पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने पाकिस्तान से जुड़े एक संगठित हथियार और ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने बताया कि गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 10 आधुनिक पिस्तौल और 500 ग्राम अफीम बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान राजन उर्फ सागर (28), निवासी फैजपुरा, अमृतसर; सुरिंदर सिंह उर्फ पाली (24), निवासी गांव टाहलीवाला, फाजिल्का; और जगजीत सिंह (25), निवासी चीमाकलां, तरनतारन के रूप में हुई है।
इनसे बरामद हथियारों में चार 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौलें और छह .30 बोर की पिस्तौलें शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अंतर-जिला तस्करी गिरोह चला रहे थे और उनके संबंध पाकिस्तान स्थित हैंडलर से थे। बरामद हथियार पंजाब में गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए गैंगस्टरों और अपराधियों को सप्लाई किए जाने वाले थे। डीजीपी ने कहा कि इस मामले की जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हैं, यह पता लगाया जा सके।
इस ऑपरेशन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कमिश्नर ऑफ पुलिस अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सबसे पहले आरोपी राजन को एक .30 बोर पिस्तौल और पर्याप्त मात्रा में अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था। उससे हुई पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। बाद की जांच में आरोपी सुरिंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से तीन .30 बोर पिस्तौलें और एक 9 एमएम पिस्तौल बरामद हुई। आगे की जांच में आरोपी जगजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से तीन 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौलें और दो .30 बोर पिस्तौलें बरामद की गईं।
सीपी ने बताया कि जगजीत सिंह चार महीने पहले दुबई से लौटा था। सुरिंदर का गांव जलालाबाद (फाजिल्का) अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित है, जबकि जगजीत का पैतृक गांव जिला तरनतारन में सीमा के करीब है। आरोपी अमृतसर से फाजिल्का और तरनतारन सेक्टरों में ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से भेजे गए कंसाइनमेंट प्राप्त करते थे और इन खेपों को सीधे या स्थान-आधारित डिलीवरी सिस्टम के जरिए आगे सप्लाई करते थे।











