अमेरिकी सरकारी शटडाउन: अमेरिका में 1 अक्टूबर से शुरू हुआ सरकारी शटडाउन अब 13वें दिन में दाखिल हो चुका है, और ट्रंप प्रशासन ने डेमोक्रेट्स पर दबाव बनाने के चक्कर में हजारों सरकारी नौकरियों पर तलवार लटका रखी है। लाखों परिवारों की रोटियों पर संकट खड़ा हो गया है। ये सब स्वास्थ्य बीमा, विदेशी मदद और खर्चों पर पंगा है, लेकिन आम आदमी को भुगतना पड़ रहा।
डेमोक्रेट्स की जिद, ट्रंप की धमकी
ये शटडाउन तो बस बहाना है, असल मुद्दा है अफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) के सब्सिडी बढ़ाने का। डेमोक्रेट्स कहते हैं, “पहले ये बढ़ाओ, वरना फंडिंग बिल पर साइन नहीं!” वहीं, ट्रंप और रिपब्लिकन्स का कहना है कि सरकार पहले खोलो, फिर बात करेंगे। शटडाउन को लेकर ट्रंप ने कहा, “डेमोक्रेट्स ही जिम्मेदार हैं,” और उनके मंत्रालयों से शुरुआत करते हुए कटौती शुरू कर दी। सीनेट में कोई गंभीर बातचीत नहीं, बल्कि एक-दूसरे पर इल्जाम लगाने का खेल चल रहा। यूनियन्स ने कोर्ट में केस कर दिया है, सुनवाई 15 अक्टूबर को होनी है।
4000 से अधिक नौकरियां खतरे में
10वें दिन से ही रिडक्शन इन फोर्स (RIF) प्रक्रिया चली, और अब तक 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को नोटिस मिल चुके। हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज (HHS) में 1,200, ट्रेजरी में 1,446, एजुकेशन में 466, और DHS, कॉमर्स, एनर्जी, HUD जैसे विभागों में सैकड़ों। CDC में 1,000 से ज्यादा को नोटिस दिया, लेकिन आधे को वापस बुला लिया क्योंकि गलती हो गई। कुल 600,000 फेडरल वर्कर्स फर्लो हो चुके, IRS का आधा स्टाफ कटा, EPA के वॉटर-एयर ऑफिस बंद। ट्रंप की स्पेशल कैंपेन में 3 लाख तक जा सकते हैं। 60 दिनों का नोटिस जरूरी है, लेकिन ये सब शटडाउन के नाम पर जल्दबाजी में हो रहा।
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किसान से लेकर सैनिक तक परेशान
पूरे अमेरिका में शटडाउन का बहुत ही बुरा असर देखने को मिल रहा है। स्मिथसोनियन म्यूजियम और नेशनल जू बंद, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स बिना पैसे काम कर रहे—11,000 में से कुछ बीमार होकर घर बैठे, फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। किसानों को USDA लोन नहीं मिल रहे, नेटिव अमेरिकन्स के मेडिकल चेकअप रुक गए, वेटरन्स को काउंसलिंग नहीं मिल पा रही है।

















