अमेरिका में पिछले 40 दिनों से चल रहा शटडाउन अब खत्म होने की दिशा में बढ़ रहा है। अमेरिकी सीनेट ने एक ऐसा प्रस्ताव पास कर दिया है, जिससे सरकारी कामकाज दोबारा शुरू हो सकेगा। अब यह बिल प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में भेजा गया है, जहां मंजूरी मिलते ही सरकारी दफ्तर फिर से खुल जाएंगे। इस बिल के तहत ज्यादातर सरकारी एजेंसियों को जनवरी तक फंडिंग दी जाएगी। साथ ही शटडाउन से प्रभावित कर्मचारियों को बकाया वेतन (बैक पे) देने की गारंटी भी होगी। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों को पिछले 40 दिनों से वेतन नहीं मिला, उन्हें अब पूरा भुगतान किया जाएगा।
यह समझौता डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद तैयार किया गया है। डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन और मैगी हसन ने रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून और व्हाइट हाउस के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर यह प्रस्ताव बनाया। दिलचस्प बात यह है कि आठ डेमोक्रेट सीनेटरों ने अपनी पार्टी लाइन से हटकर इस बिल के पक्ष में वोट दिया, जिसके बाद यह 60 वोटों से पास हुआ। हालांकि, डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना है कि यह बिल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अहम मुद्दों, खासकर ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ की सब्सिडी पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
शटडाउन का कारण यह था कि अमेरिकी संसद समय पर बजट पास नहीं कर पाई। फंडिंग रुक जाने से सरकारी कामकाज ठप पड़ गया था। एयर ट्रैवल, सरकारी पार्क, शोध केंद्र और कई अन्य सेवाएं प्रभावित हुईं। एयरलाइनों को उड़ानें घटानी पड़ीं और हजारों फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं। नए बिल में यह भी प्रावधान है कि शटडाउन के दौरान निकाले गए कर्मचारियों को दोबारा बहाल किया जाएगा। साथ ही, फूड स्टैम्प प्रोग्राम को वित्त वर्ष 2026 तक फंडिंग देने का वादा किया गया है, जिससे लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। अगर यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से भी पास हो गया, तो सरकारी दफ्तर जल्द खुल जाएंगे और लोगों की परेशानियां कम होंगी। यह शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा रहा, जिसने देश की व्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया। अब उम्मीद है कि सरकार दोबारा पटरी पर लौटेगी और सामान्य जीवन बहाल होगा।

















