कोलकाता । आरजी कर से साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज और अब दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज…! ममता सरकार के राज में बंगाल महिलाओं के लिए “असुरक्षित प्रदेश” बनता जा रहा है। हर कुछ महीनों में किसी न किसी छात्रा की अस्मिता रौंदी जा रही है और सरकार सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त है।
अब इस बार ओडिशा से पढ़ने आई मेडिकल छात्रा के साथ दुर्गापुर में सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने फिर साबित कर दिया कि बंगाल में न कानून का डर बचा है, न महिला सुरक्षा की कोई गारंटी। प्रशासन मौन है, अपराधी बेलगाम— और ममता बनर्जी की “महिला सुरक्षा” की बातें अब एक खोखला मज़ाक बन चुकी हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर में ओडिशा से आई मेडिकल छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जब छात्रा अपने एक दोस्त के साथ कॉलेज परिसर के बाहर रात का खाना खाने गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता और घटना का विवरण
शनिवार को घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीड़िता ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली है और दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा है। घटना के बाद उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
छात्रा के परिवारवालों ने बताया कि उन्हें शुक्रवार रात अपनी बेटी के दोस्तों से फोन पर घटना की जानकारी मिली। इसके बाद वे शनिवार सुबह दुर्गापुर पहुंचे और थाने में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि रात करीब 10 बजे जब उनकी बेटी कॉलेज परिसर से बाहर गई थी, तभी तीन अज्ञात युवकों ने उसका अपहरण कर जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि युवकों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया और किसी को बताने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिक्रिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम दुर्गापुर पहुंची। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा कि बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं क्योंकि पुलिस की भूमिका नकारात्मक दिख रही है, अपराधियों को समय पर सजा नहीं मिल रही। हमने देखा है कि यहां अपराधी खुले घूमते हैं और न्याय में देरी हो रही है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में अपराध रुक नहीं रहे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मुख्यमंत्री से अपील करती हूं कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
पुलिस कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने शनिवार को छात्रा के एक मित्र को हिरासत में लिया है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम ने बताया कि रिपोर्ट रविवार सुबह तक मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ कॉलेज परिसर से बाहर नाश्ता करने गई थी। इसी दौरान कुछ युवक मोटरसाइकिल से उनका पीछा करने लगे और अभद्र टिप्पणियां कीं। आरोप है कि उन्होंने छात्रा के मित्र को वहां से भगा दिया और छात्रा को पकड़कर कॉलेज परिसर के पीछे स्थित जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपित उसका मोबाइल फोन भी छीनकर फेंक दिया था।
बाद में छात्रा का मित्र कॉलेज से अन्य छात्रों को लेकर वहां पहुंचा और घायल अवस्था में छात्रा को जमीन पर पड़ा पाया। उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पुष्टि की है कि पीड़िता ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली है।
कॉलेज प्रशासन और थाने में शिकायत
कॉलेज प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर दुर्गापुर न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस ने जांच शुरू की है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (पूर्व) अभिषेक गुप्ता ने कहा, “जांच जारी है। जैसे ही कोई नया तथ्य सामने आएगा, सूचित किया जाएगा। मामला संवेदनशील है, इसलिए हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।”
पीड़िता के परिवार की प्रतिक्रिया
पीड़िता के पिता ने बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा, “मेरी बेटी यहां सुरक्षित नहीं है। अब मैं उसे यहां पढ़ने नहीं दूंगा। उसे अपने साथ घर ले जाऊंगा।” परिवार शनिवार सुबह ओडिशा से बंगाल पहुंचा है, जिसके बाद उन्होंने भी अपनी ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
छात्रों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, इस घटना से आक्रोशित कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। इसी बीच, स्थानीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी कॉलेज के बाहर विरोध जताया, जबकि भाजपा नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा की।
पिछली घटनाओं और प्रशासन पर सवाल
उल्लेखनीय है कि, पिछले साल आरजी कर की घटना के बाद भी पश्चिम बंगाल में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं। अभी हाल ही में साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज और उसके बाद एक हॉस्टल में भी इसी तरह की वारदात हुई थी। अब दुर्गापुर की इस घटना ने राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

















