अमेरिका की यही असलियत है। हम अक्सर कहते हैं कि अमेरिका वो देश है, जो कभी नहीं चाहेगा कि इंडिया ताकतवर बने। ये उसकी मजबूरी है, कि उसे इंडिया का साथ लेना पड़ रहा है। क्योंकि उसे चीन से निपटना है। लेकिन भारत को उलझाए रखने के लिए वह अक्सर पाकिस्तान की मदद करता रहा है। इसी क्रम में एक बार फिर से एक खबर आई है कि अमेरिका पाकिस्तान को नई हवा से हवा में मार करने में सक्षम मिसाइलें देने जा रहा है। इस मामले के सामने आते ही अब अमेरिकी दूतावास सफाई देने लग गया है।
क्या है पूरा मामला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका पाकिस्तान को AIM-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल्स (AMRAAM) दे रहा है। ये मिसाइलें पाकिस्तान एयर फोर्स के F-16 फाइटर जेट्स पर लगाई जाती हैं। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर (DoW, जो पहले डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस था) ने 30 सितंबर 2025 को एक प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें पाकिस्तान का नाम लिया गया। इसमें एक आर्म्स कॉन्ट्रैक्ट का जिक्र था, जो कई देशों के लिए था।
बालाकोट स्ट्राइक और मिसाइलों का कनेक्शन
2019 में भारत ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की थी, जहां जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया। वहां कई आतंकी, ट्रेनर और कमांडर मारे गए थे, जो सुसाइड मिशन्स की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद हवाई झड़पों में पाकिस्तानी F-16 ने AMRAAM मिसाइलों का इस्तेमाल किया था, जैसा कि पाकिस्तानी मीडिया ने बताया।
सफाई देने लगा अमेरिका
इस मामले के सामने आने के बाद अब भारत में अमेरिका के दूतावास ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, “ये रिपोर्ट्स झूठी हैं।” दूतावास ने बताया कि DoW की वो लिस्ट एक पुराने फॉरेन मिलिट्री सेल्स कॉन्ट्रैक्ट का सिर्फ अमेंडमेंट है। ये sustainment और स्पेयर्स (रखरखाव और पार्ट्स) के लिए है, नई मिसाइलें डिलीवर करने के लिए नहीं। “इस कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन का कोई हिस्सा पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें देने के लिए नहीं है।”
इसके साथ ही अमेरिका का कहना है कि वह पाकिस्तान की मौजूदा कैपेबिलिटीज में कोई अपग्रेड नहीं हो रहा। उल्लेखनीय है कि ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के बाद से वैसे ही दोनों देशों के बीच रिश्तोंमें खटास आई है। ऐसे में अमेरिका भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहता है।

















