ओडिशा सरकार ने बुधवार को पुरी स्थित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर ‘पाथेर पुरी’ का जीर्णोद्धार करने तथा उसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा की। यह निर्णय ओडिया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता संस्कृति मंत्री श्री सूर्यवंशी सूरज ने विभाग के सम्मेलन कक्ष में की।
संस्कृति मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पुरी स्थित निवास ‘पाथेर पुरी’ का जीर्णोद्धार कर उसे संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समुद्र तट के पास स्थित इस भवन का उपयोग पहले सामंत चंद्र शेखर (एससीएस) कॉलेज के छात्रों के लिए छात्रावास के रूप में किया जाता था, लेकिन बाद में इसे छोड़ दिया गया। इतिहासकार और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट ओडिशा चैप्टर के समन्वयक अनिल धीर ने बताया कि चक्रतीर्थ रोड पर स्थित भूमि ब्रिटिश शासन के दौरान ओडिशा के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा 1939 में टैगोर को आवंटित की गई थी। टैगोर परिवार ने यहां एक भव्य भवन का निर्माण कराया और बाद में इसे शिक्षा के लिए राज्य सरकार को दान कर दिया।
टैगोर के आवास को पुनर्स्थापित करने के निर्णय के अलावा, बैठक में ओडिशा की कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए अन्य प्रमुख पहलों को भी मंजूरी दी गई। 5 नवंबर से शुरू होने वाले कटक बाली यात्रा में एक थीम मंडप स्थापित किया जाएगा, जिसमें प्रमुख ओडिया लेखकों और उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। इस वर्ष, इंडोनेशिया एक भागीदार देश के रूप में भाग लेगा, जबकि एक भारतीय राज्य को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल के तहत भागीदार राज्य के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। दक्षिण एशियाई देशों के सांस्कृतिक दल भी प्रदर्शन के लिए बुलाए जाएंगे। सांस्कृतिक उत्सवों के लिए अपने समर्थन के एक भाग के रूप में, संस्कृति विभाग ने केन्द्रपाड़ा गजलक्ष्मी पूजा के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की, जैसा कि पहले ढेंकनाल गजलक्ष्मी पूजा के लिए प्रदान किया गया था।
विभाग ने सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थानों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया को भी तेज करने का निर्णय लिया, जिसमें संस्कृति विश्वविद्यालय , उत्कल संगीत महाविद्यालय, बी.के. कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट्स, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट्स और खालिकोट शामिल हैं। राज्य पुरातत्व निदेशालय केंद्रापाड़ा जिले के ऐतिहासिक कालिदास मंदिर के पुनरुद्धार और संरक्षण का कार्य करेगा। इसके अतिरिक्त, ओडिशा ब्रिज एवं कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन को भुवनेश्वर में सैनिक स्कूल के निकट ओडिया अस्मिता भवन के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि ये पहल ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और ओडिया पहचान को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण होगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओडिया साहित्य, कला और परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

















