न्यूयॉर्क में मेयर पद के प्रत्याशी जोहरान मामदानी का हिन्दू विरोधी रुख पहले जाहिर हो चुका है। मगर अब उन्हें चुनावों में जीत के लिए वोटों की दरकार है तो अपना रुख हिंदुओं के प्रति कथित रूप से नरम दिखा रहे हैं। और यह भी कह रहे हैं कि उन्हें अपनी हिन्दू जड़ों पर गर्व है। गौरतलब है कि मामदानी भारत की फिल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे हैं।
मंदिरों में किया था हिन्दुओं का अपमान
6 अक्टूबर 2025 को अपने चुनावी अभियान में, वे अपनी हिन्दू जड़ों से जुडने के लिए फ्लशिंग, क्वीन्स में शहर के दो प्रसिद्ध मंदिरों में गए। और मंदिर में जाकर भी मामदानी ने हिंदुओं का अपमान ही किया, क्योंकि मंदिर में वे जूते पहनकर गए थे। मंदिर में जाने को लेकर जब ये तस्वीरें बाहर आईं तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, क्योंकि मामदानी के हिन्दू विरोधी विचार पहले ही लोगों के सामने आ चुके हैं। इसे लेकर अमेरिका में बसे हिंदुओं ने प्रश्न उठाए। विमल पाटिल नामक यूजर ने एक्स पर उस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा कि, ज़ोहरा मामदानी, यह बहुत दुष्टतापूर्ण कार्य है। आज आप मेरे मंदिर में आए, जो मेरे जैसे लाखों हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थान है और आपने इसे अपने गंदे राजनीतिक एजेंडा के लिए प्रयोग किया। मंदिर में आने का हमेशा स्वागत है, मगर लोग प्रार्थना करने के लिए मंदिर आते हैं।
राम मंदिर का किया था विरोध
क्या आपने प्रार्थना की? क्या आपने प्रदक्षिणा की, प्रार्थना की, गणेश आरती की, धूप ली या प्रसाद स्वीकार किया। मुझे नहीं लगता है कि ऐसा किया होगा। आप यहीं न्यूयॉर्क में बड़े हुए हैं और गणेश मंदिर जाते हुए मुझे 25 वर्ष हुए हैं। इन वर्षों में मैंने आपको कभी नहीं देखा और न ही सुना कि आप यहाँ आ रहे हैं, क्योंकि आप एक मुस्लिम हैं, जो अपने मजहब के रिवाजों का पालन करते हैं। आप अल्लाह में यकीन करते हैं, न कि भगवान गणेश में। और आप ही टाइम स्क्वेयर पर राम मंदिर के निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। और अब आप राजनीतिक लाभ के लिए मंदिर जा रहे हैं?
विमल पाटिल ने मामदानी के साथ सेल्फ़ी लेने वाले पुजारियों की भी आलोचना की कि कैसे ऐसा कर सकते हैं?
Zohara Mamdani, this is sinister!⁰Today, you came to my temple , the most sacred place in the world for me and for millions of Hindus.⁰You used this holy space for your political agenda.
Coming to a temple is always welcome, but people come to pray.⁰Did you pray?⁰Did you do… pic.twitter.com/KKldkNPcyV— Vimal Patil (@vimal4USA) October 8, 2025
मगर जहां एक ओर मामदानी मंदिर में जाकर अपनी हिन्दू जड़ों की बात कर रहे हैं, वे हिन्दू पर्वों के मूल्यों की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनका जो पूर्व में रिकार्ड रहा है, वह इसका एकदम उलट रहा है।
मामदानी एक हिन्दू विरोधी कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होनें वर्ष 2020 में राम मंदिर निर्माण के विरोध में केवल प्रदर्शन ही नहीं किया था, बल्कि जो वीडियो उस समय के वायरल हुए हैं, उसमें यह देखा जा सकता है कि हिंदुओं के खिलाफ अपशब्द भी बोले जा रहे थे। और इसी हिंसक भीड़ का नेतृत्व भी मामदानी ने किया था।
राम मंदिर को कहा था फासीवादी अत्याचार
भारत की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी से उनकी घृणा छिपी नहीं है। उन्होनें यहाँ तक कहा था कि बाबरी ढांचे के अवशेषों पर राम मंदिर का निर्माण एक फासीवादी अत्याचार है और उन्होनें यह तक कहा था कि “एक भारतीय मुस्लिम होने के नाते, जिसके परिवार को भारत में फासीवाद का सामना करना पड़ रहा है, मैं चुप नहीं रहूँगा!” एक नहीं कई वीडियोज़ मामदानी के वायरल हैं, जिनसे हिंदुओं के प्रति उनकी घृणा का पता चलता है, फिर ऐसे में उनका मंदिर जाना अपने आप में कई प्रश्न उठाता है।
और लोग यह भी प्रश्न उठा रहे हैं कि आखिर कैसे हिन्दू मामदानी का समर्थन कर सकते हैं, जब वे उसके हिन्दू विरोधी विचारों से भली तरह से परिचित हैं। इम्तियाज महमूद ने एक्स पर लिखा “हिंदूज फॉर मामदानी=चिकन फॉर बिरयानी!” अर्थात मामदानी का समर्थन करके हिन्दू अपने विनाश को खुद चुनेंगे।
ऐसे ही भाव सोशल मीडिया पर कई लोगों ने व्यक्त किये। एक यूजर ने लिखा कि हिंदुओं का सबसे बड़ा दुश्मन और कोई नहीं बल्कि हिन्दू ही हैं। धर्मनिरपेक्ष हिंदू सबसे बुरे हैं, वे धर्मनिरपेक्ष होने के लिए अपने ही धर्म का दुरुपयोग कर सकते हैं! वे इस्लामिस्ट प्रेमी ज़ोहरान का समर्थन कर रहे हैं जो हमास और पाकिस्तान का समर्थन करता है! वह मंदिर में जूते पहनकर जा रहा है जो अपमानजनक है!
मंदिर में जूते पहनने को लेकर लोग आक्रोशित हैं और साथ ही इस बात पर भी उनका आक्रोश है कि आखिर मंदिर को राजनीति का स्थान क्यों बनाया जा रहा है? मंदिर में जोहरान मामदानी जैसे हिन्दू हेटर को प्रवेश दिए जाने को लेकर भी हिंदुओं में गुस्सा है। क्योंकि मामदानी अधिकतर हिंदुओं को भाजपा के साथ जोड़कर राजनीतिक असंतोष को मजहबी दुश्मनी में बदलने में माहिर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति भी उनकी घृणा इस सीमा तक है कि वे अमेरिका के राजनेताओं का भी विरोध करने से नहीं हिचके। मामदानी की इस योजना की भी आलोचना हुई थी, जिसमें उन्होनें अमीर श्वेत नागरिकों पर अधिक संपत्ति कर का प्रस्ताव दिया था।
















