उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बलिया में जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा व्यवस्था और युवा पीढ़ी की गिरती आदतों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आजकल यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स पढ़ते नहीं और टीचर उन्हें पढ़ाते भी नहीं। यह प्रवृत्ति समाज और शिक्षा दोनों के लिए खतरनाक है।
“ड्रग्स लेना अब रस्म बन गई है” – राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि आजकल छात्र पढ़ाई छोड़कर नशे की ओर बढ़ रहे हैं। बलिया से मेरठ तक उन्होंने यह प्रवृत्ति देखी है। उन्होंने कहा, “अब तो एक रस्म बन गई है — ड्रग्स लेना और मंगवाना, दारू की बोतल लाना और पीना, फिर मस्ती से सो जाना। अगर यह सब चल रहा है, तो यूनिवर्सिटी बंद कर देनी चाहिए।” उन्होंने छात्रों से आत्मानुशासन अपनाने और अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने की अपील की।
बेटियों को दिया लिव-इन रिलेशन से बचने का संदेश
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने समारोह के दौरान बेटियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें किसी चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने लिव-इन रिलेशन को लेकर चेतावनी देते हुए कहा, “लिव-इन रिलेशन का परिणाम देखना है तो अनाथालय जाकर देखिए, जहाँ 15-20 साल की बेटियाँ एक-एक साल का बच्चा लेकर लाइन में खड़ी हैं।” उन्होंने कहा कि बेटियों को अपने जीवन और भविष्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने का आह्वान
राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने के लिए युवाओं को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश निर्माण की नींव है। युवाओं को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
छात्रों और शिक्षकों दोनों की जिम्मेदारी तय की
राज्यपाल ने कहा कि छात्रों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहना होगा और शिक्षकों को पढ़ाने के साथ ही शोध की संस्कृति का विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, नैतिकता और सृजनात्मकता का वातावरण बनाना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से भी आग्रह किया कि वह शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दे।
19,560 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ
जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 19,560 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 15,878 स्नातक और 3,682 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियाँ दी गईं। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।

















