नई दिल्ली: मध्य प्रदेश और तमिलनाडु ने ‘कोल्ड्रिफ कफ सिरप’ की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से मध्य प्रदेश और राजस्थान में 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बच्चों की मौत के मामलों में फौरन संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी कर दिया था कि 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाएं न दी जाएं। यह कफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित एक फैक्ट्री में तैयार किया गया था।
मध्य प्रदेश में कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी लगेगी रोक
इस घटना के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी थी। यह जांच रिपोर्ट शनिवार सुबह आई है। जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई है। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए सिरप पर प्रतिबंध के साथ ही कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाने की कवायद शुरू कर दी है।

कफ सिरप में हुआ था नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉन का इस्तेमाल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि छिंदवाड़ा में कॉल्ड्रिफ (Coldrif) सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। दरअसल इस घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। जिसकी रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच रिपोर्ट में पता चला है कि इस कफ सिरप में नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉन का इस्तेमाल हुआ है।
तमिलनाडु में भी कफ सिरप पर बैन, स्टॉक फ्रीज के आदेश
इसमें आशंका व्यक्त की गई कि वह डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। यह दोनों ही किडनी को नुकसान पहुचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं। इस रिपोर्ट के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर तुरंत रोक लगा दी थी। इसके थोक और रिटेल दुकानों से स्टॉक फ्रीज करने के आदेश जारी कर दिए थे।
राजस्थान में ड्रग्स कंट्रोलर सस्पेंड….
वहीं राजस्थान में इस मामले में ड्रग्स कंट्रोलर को सस्पेंड किया गया है। साथ ही जयपुर स्थित कंपनी केसन्स फार्मा द्वारा निर्मित दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने केसन्स फार्मा द्वारा निर्मित सभी 19 दवाओं की आपूर्ति अगले आदेश तक बैन कर दी है। डेक्सट्रोमेथॉर्फन युक्त अन्य सभी कफ सिरप के वितरण पर रोक लगा दिया गया है।
इस कफ सिरप के सेवन से मध्य प्रदेश में नौ बच्चों की मौत हुई थी। राजस्थान में तीन बच्चों की मौत हुई थई। परिवारों का आरोप था कि यह मौत बुखार और खांसी के लिए दी जाने वाली कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ और ‘नेक्स्ट्रोस डीएस’ से जुड़ी है। इस कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबियत बिगड़ी और फिर किडनी फेल हो गई।

















