नई दिल्ली । सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों और पुलिस मुठभेड़ों में मौत के डर से 103 नक्सली, जो माओवादी संगठन में सक्रिय थे, उन्होंने अब हिंसा छोड़कर सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले 49 नक्सलियों पर 1.7 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया।
नक्सलियों का आत्मसमर्पण और संगठन में फूट
इस सभी नक्सलियों ने SP कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बीजापुर में दशहरा के दिन नक्सलियों का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है। वह भी जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को बस्तर के दौरे से पहले।
आत्मसमर्पण करने वालों की जानकारी
बीजापुर SP डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं-
1 DVCM, 4 PPCM, 4 ACM, 1 Platoon Party Member, 3 DKMS अध्यक्ष, 4 CNM अध्यक्ष, 2 KAMS अध्यक्ष, 5 क्षेत्र समिति पार्टी सदस्य, 5 मिलिशिया कमांडर/डिप्टी कमांडर, 4 जनता सरकार अध्यक्ष, 1 PLGA सदस्य, 1 CNM सदस्य, 12 CNM सदस्य, 4 जनता सरकार उपाध्यक्ष, 1 DKMS उपाध्यक्ष, 22 जनता सरकार सदस्य, 23 मिलिशिया पलटन सदस्य, 2 GPC सदस्य, 4 DKMS सदस्य, और 1 भूमकाल मिलिशिया सदस्य।
इनाम और पुनर्वास योजना
छत्तीसगढ़ में इन 49 नक्सलियों के लिए ₹1 करोड़ 6 लाख का इनाम घोषित किया गया। SP ने कहा कि यह सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस विचारधारा की हार है जो वर्षों तक हिंसा और भ्रम के आधार पर जीवित रही। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के लाभ प्रदान किए जाएंगे।
पूर्व में हुए आत्मसमर्पण
इससे पहले, 24 सितंबर को दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सली SP गौरव रॉय और CRPF अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें से 30 नक्सलियों पर ₹64 लाख का इनाम था। सभी ने “लोन वर्ततु अभियान” के तहत आत्मसमर्पण किया। बलों के दबाव में नक्सली संगठन पिछड़ता जा रहा है और आत्मसमर्पण की प्रक्रिया जारी है।

















