फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें ट्रंप ने भारत पर नए टैरिफ लगाने की बात कही थी। वाल्टोनेन ने साफ कहा कि यूरोपीय संघ (EU) भारत के साथ अपने रिश्ते और व्यापार को मजबूत करना चाहता है। इसके लिए ईयू का मकसद है कि भारत के साथ टैरिफ कम किए जाएं और व्यापार को और आसान बनाया जाए।
यह फैसला इसलिए और भी अहम है क्योंकि फिनलैंड को अमेरिका का बहुत करीबी देश माना जाता है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और ट्रंप के रिश्ते भी काफी गहरे बताए जाते हैं। इसके बावजूद फिनलैंड ने भारत का पक्ष लिया और अमेरिका की मांग को ठुकरा दिया। यह दिखाता है कि भारत के साथ यूरोपीय देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
असल में, ट्रंप चाहते थे कि भारत पर टैरिफ बढ़ाया जाए क्योंकि भारत रूस से ऊर्जा (तेल और गैस) खरीद रहा है लेकिन फिनलैंड की विदेश मंत्री ने साफ कर दिया कि ईयू की प्राथमिकता रूस पर सीधे प्रतिबंध और टैरिफ लगाना है, न कि भारत जैसे साझेदार और दोस्त देशों पर। उनका कहना था कि भारत पर टैरिफ लगाना सही नहीं होगा क्योंकि भारत ईयू के लिए एक अहम साझेदार है और दोनों मिलकर आर्थिक विकास और वैश्विक स्थिरता के लिए काम कर सकते हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच पिछले कुछ सालों में व्यापार लगातार बढ़ा है। दोनों पक्ष कई समझौतों पर काम कर रहे हैं, जिनमें निवेश, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र अहम हैं। यही वजह है कि ईयू भारत के साथ रिश्तों को बिगाड़ना नहीं चाहता।
















