क्वेटा। बलूचिस्तान के लड़ाके पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों से अपनी धरती को आजाद कराने के लिए जोरदार प्रयास कर रहे हैं। करीब 95 प्रतिशत इलाका बलूच लड़ाकों के कब्जे में आ गया है। कई इलाकों से पाकिस्तानी सेना भी पीछे हट गई है। बलूचिस्तान को हाथ से निकलता देख पाकिस्तानी सेना ने खुजदार जिले के जेहरी, गजान, तरासानी, शाहमुज और सोहांडा में हवाई हमले भी किए हैं।
बलूचिस्तान ने हाल ही में अपने को स्वतंत्र घोषित किया था। इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अमेरिका दौरे पर गए थे और उन्होंने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को आतंकवादी संगठन घोषित करवाया था।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन, टैंक, बख्तरबंद वाहनें के इस्तेमाल के साथ एसएसजी कमांडो की तैनाती भी की है। बलूचों ने तेल एवं खनिज समृद्ध और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पहले ही अपने नियंत्रण में ले लिया है और वे पाकिस्तानी सेना का कड़ा मुकाबला कर रहे हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना पीछे हटने के लिए मजबूर हो रही है। लगभग 95 प्रतिशत क्षेत्र अब बलूच स्वतंत्रता सेनानियों के नियंत्रण में हैं। बलूच लड़ाके अपनी मातृभूमि से हर एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को बाहर निकालने के लिए कटिबद्ध हैं और इसके लिए एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
बलोच लड़ाके युद्ध में अनुभवी हैं और उन्हें बलोच लोगों का पूरा समर्थन प्राप्त है। इसके विपरीत पाकिस्तानी सैनिकों को बलोच धरती पर विदेशी कब्ज़ाधारी के तौर पर देखा जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने क्षेत्रों में टैंक, बख्तरबंद काफिले, एसएसजी कमांडो और नियमित सेना की दो पूर्ण पैदल सेना इकाइयां भेजी हैं। दोनों पक्षों के बीच विभिन्न हिस्सों में भीषण झड़पें जारी हैं।
बलूच नेता ने क्या कहा
बलूच नेता ने मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बलूचिस्तान गणराज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सीमा सुरक्षा बलों और रक्षा बलों ने बलूचिस्तान के संप्रभु क्षेत्र में तैनात अवैध और विदेशी पाकिस्तानी आतंकवादी मिलिशिया इकाइयों को निशाना बनाकर सफलतापूर्वक अभियान चलाया है। इस मुठभेड़ के दौरान, पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठियों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे बलूच राष्ट्रीय सेना द्वारा किए गए सटीक हमले से बाल-बाल बच गए। यह अभियान रक्षा के अधिकार का उपयोग करके अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा और अपनी धरती पर विदेशी सैन्य उपस्थिति को समाप्त करने के लिए गणराज्य की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
बौखला गया है पाकिस्तान
मीर यार बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान गणराज्य के खुजदार जिले के जहरी और आसपास के इलाके में, पाकिस्तानी आतंकवादी मिलिशिया बलों ने बलूच नागरिकों के खिलाफ बिना किसी उकसावे के हिंसक हमला किया। लगातार बमबारी ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया है: फसलों को बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। बिजली आपूर्ति प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है, ट्रांसफार्मर और सौर पैनलों को जानबूझकर गोली मारकर नष्ट कर दिया गया है। मोरेन्की के निवासियों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है, जबकि दश्त कोलपुर के 50 से ज़्यादा बलूच नागरिकों को जबरन गायब कर दिया गया है।
आम नागरिकों को बना रहा निशाना
उन्होने कहा कि पाकिस्तानी हमलावर बलों की ये हरकतें सैन्य आक्रमण से कहीं आगे जाती हैं। आम लोगों को उनकी संपत्ति और आजीविका से वंचित करने के लिए बल प्रयोग करके, और बंदूक की नोक पर नागरिकों को आतंकित करके, वे अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन कर रहे हैं। नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करना, आबादी को जबरन विस्थापित करना और अपहरण करना ऐसे अपराध हैं जो बलूचिस्तान के लोगों पर किए जा रहे व्यवस्थित उत्पीड़न को उजागर करते हैं।
पाकिस्तान का आतंकवाद खत्म होगा
बलूच राष्ट्रवादी नेता हिर्बयार मरी का एक साक्षात्कार भी वायरल हुआ है। उन्हें बलूचिस्तान मुक्ति आंदोलन का अग्रदूत माना जाता है। उनका कहना है कि बलूचिस्तान की आज़ादी स्थायी शांति लाएगी और दुनिया के इस हिस्से में पाकिस्तान के दशकों पुराने आतंकवाद का अंत करेगी। बलूचिस्तान देश राष्ट्रों और आस्थाओं के बीच की खाई को पाटने में भूमिका निभाएगा। पाकिस्तानी आक्रमण से पहले स्वतंत्र बलूचिस्तान के पहले वित्त मंत्री एक हिंदू थे। यह सिद्ध है कि बलूचिस्तान और भारत महान सभ्यताएं थीं।
जिन्ना ने धोखा दिया
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली को एक दीर्घकालिक नीति बनानी चाहिए और पश्तूनों, बलूचों, सिंधी, गिलगित और मुहाजिर जातियों के नेतृत्व के साथ गठबंधन करना चाहिए और उन्हें पाकिस्तान और चीन की नापाक योजनाओं का मुकाबला करने के लिए भारत आमंत्रित करना चाहिए। 1948 में पंजाबी मुस्लिम सेना ने बलूचिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया था। आक्रमण के बाद, कलात के बलूच राजा खान को दशकों तक पंजाब की जेल में रखा गया था। मोहम्मद अली जिन्ना ने एक वकील और बलूचिस्तान के मित्र के वेश में बलूच शासक खान कलात को धोखा दिया।
A very important interview by the Baloch nationalist leader Hyrbyair Marri @hyrbyair_marri, the president of Free Balochistan Movement, pioneer of the ongoing Balochistan liberation he is also known as the Netaji Subhash Chandra Bose and Sheikh Mujibur Rahman of the… pic.twitter.com/DjJS14KxhP
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) September 28, 2025
पाकिस्तान के खिलाफ खड़े हुए पीओजेके के लोग
पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में सोमवार को पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। जनता की आवाज को दबाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने हजारों सैनिक उतारे। विरोध प्रदर्शन में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग घायल हो गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ हुए इन प्रदर्शनों में मुजफ्फराबाद में सरकारी सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। विरोध प्रदर्शन नागरिक समाज गठबंधन, अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) द्वारा किया गया था। रविवार को मीरपुर, कोटली, रावलकोट, नीलम घाटी, केरन आदि जगहों पर प्रदर्शन हुए।
(इनपुट हिंदुस्थान समाचार)

















