लखनऊ । सोशल मीडिया में हिन्दू आराध्य देवी माँ दुर्गा के सम्बन्ध में अभद्र एवं अश्लील टिप्पणी गाने के रूप में करते हुए बिरहा गायिका सरोज सरगम द्वारा अपने यूट्यूब चैनल में अपलोड कर व्यापक रूप से वायरल किया गया। हिन्दू धर्मावलम्बियों की आस्था को चोट पहुँचाते हुए शारदीय नवरात्रि के अवसर पर सामाजिक एवं धार्मिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया। मामला पुलिस के संज्ञान में आने पर तत्काल थाना मड़िहान पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई।
गिरफ्तारी और मीरजापुर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस की विवेचना में अभियुक्ता सरोज सरगम के साथ इस अशोभनीय आपराधिक कृत्य में 8 अन्य अभियुक्त संलिप्त पाये गये। इसके साथ ही वायरल पोस्ट को दिनांक 21 सितम्बर को रिमूव कराया गया। वायरल पोस्ट रिमूव कराते ही अभियुक्ता सरोज सरगम द्वारा 1 आपत्तिजनक वीडियो स्वयं रिकार्ड किया गया, जिसमें माँ दुर्गा जी के सम्बन्ध में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए हिन्दुओं को सामूहिक रूप से अत्यन्त आपत्तिजनक व असंसदीय गालिया देते हुए वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म में वायरल किया गया। इस वायरल वीडियो से जनमानस में आकोश एवं विद्वेश की भावना समाज में उत्पन्न हुई।
वायरल वीडियो के सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर मीरजापुर में 23 सितंबर को अभियोग पंजीकृत किया गया और प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली शहर मीरजापुर द्वारा आरोपी सरोज सरगम के साथ सह अभियुक्त उसके पति राममिलन बिन्द को को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तगण से पूछताछ पर एक बड़े षडयंत्र का पर्दाफाश हुआ है।
राजनीतिक और वित्तीय प्रलोभन
अभियुक्ता सरोज सरगम के पति राममिलन बिन्द ने पूछताछ पर बताया कि वह अपनी पत्नी जो बिरहा गायिका है, उसके साथ मिलकर बिरहा मण्डली का संचालन करता है। पूछताछ से यह भी पता चला कि महिला पहले से बिरहा गाना गाती थी एवं पिछले तीन साल से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्प संख्यक) के लिए गाना गा रही है।
हिन्दुओं की आराध्य माँ दुर्गा के सम्बन्ध में यूट्यूब पर अपलोड किये गये आपत्तिजनक वीडियो के सम्बन्ध में अभियुक्ता के द्वारा बताया गया कि वह यह काम राजवीर सिंह यादव के कहने पर पैसे देने पर कर रही थी। राजवीर सिंह यादव ने उसे यह बताया कि उसकी किताब बहुजन नायक महिषासुर के संबंध में वह हाईकोर्ट / सुप्रीम कोर्ट से मुकदमा जीत चुका है, डरने की कोई बात नहीं है. तुम पर कोई आँच नहीं आयेगी।
वीडियो निर्माण और धार्मिक विद्वेष
पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि इन लोगों द्वारा यूट्यूब चौनल बनाना, कन्टेन्ट तैयार करना और उसका वीडियो अपलोड करने जैसे अन्य समस्त कार्य प्रयागराज में ही किये जाते थे, क्योंकि बिरहा गायिका सरोज सरगम का पति प्रयागराज हण्डिया का मूल निवासी है। इनकी पूरी मण्डली वीडियो बनाने में सहयोग करती थी। उक्त प्रकरण में 2 मुकदमें पंजीकृत किये गये हैं। सरोज सरगम उसके पति सहित मण्डली में शामिल अन्य 4 लोगों को भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। विवेचना के प्रारम्भ में ही जिला साइबर सेल द्वारा आपत्तिजनक कन्टेन्ट को यूट्यूब संस्था से समन्वय स्थापित कर हटवाया गया था। उसके बाद भी विद्वेष फैलाने हेतु अभियुक्ता द्वारा बार-बार सोशल प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक कन्टेन्ट वाला वीडियो अपलोड कर दिया जा रहा था।
कन्वर्जन और डिजिटल साक्ष्य
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ 10 माह पहले मुख्य दोनों अभियुक्त सरोज सरगम और राम मिलन बिन्द कन्वर्जन करके इसाई बन गए हैं। इनके कब्जे से कई डिजिटल डिवाइस एवं साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिनका साइबर सेल एवं विवेचना टीम द्वारा सघन विश्लेषण किया जा रहा है।
अवैध कब्जा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री
उल्लेखनीय है कि सरोज सरगम एवं उसके पति राममिलन बिन्द द्वारा ग्राम गढ़वा में वन विभाग की 15 बीघा जमीन में कब्जा करके उसमें काफी लम्बे समय से खेती की जा रही थी, जिसको राजस्व, वन विभाग तथा पुलिस टीम द्वारा दिनांक 23 सितंबर को कब्जामुक्त कराया गया। इस सम्बन्ध में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करने के सम्बन्ध में विधिक कार्यवाही प्रचलित है। राममिलन बिन्द के पास से अत्यन्त आपत्तिजनक साहित्य भी बरामद हुआ है। उसके सम्बन्ध में विवेचना की जा रही है।

















