पाकिस्तान उस कु्त्ते की दुम की तरह व्यवहार कर रहा है, जो कभी सीधी नहीं होती। उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद लागू की गई सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए सीमा पर एक बार फिर से गोलीबारी की। ऐसा प्रतीत होता है कि सउदी अरब के साथ समझौते के बाद उसे लगता है कि इस बार भारत से भिड़ने की कोशिश की तो सउदी अरब उसे बचा लेगा। लेकिन, उसकी इस हिमाकत का भारतीय सुरक्षा बलों ने उसकी इस हरकत का माकूल जबाव दिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों छोटे हथियारों से गोलीबारी करते हुए भारत को उकसाने की कोशिश की। ये वारदात राज्य के कुपवाड़ा सेक्टर की है। कुपवाड़ा के नौगाम सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से चार राउंड फायर किए गए थे, जिसके जबाव में भारतीय सेनाओं ने 20 राउंड फायरिंग की। अच्छी बात ये कि किसी को चोट नहीं लगी। लेकिन ये सब देखकर मन में सवाल उठ रहा है – क्या ये 2021 के सीजफायर समझौते का उल्लंघन माना जाएगा? अभी तक आर्मी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मिलिट्री सोर्सेज कह रहे हैं कि इसे अभी वायलेशन की कैटेगरी में नहीं डाला जा रहा।
नौगाम सेक्टर में क्या-क्या हुआ?
सबसे पहले तो ये समझ लीजिए कि नौगाम सेक्टर कुपवाड़ा का वो इलाका है, जहां LoC पर तनाव हमेशा बना रहता है। ये घटना अकेली नहीं है – इससे पहले इस महीने ही 1 सितंबर को पूंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में एक संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश नाकाम की गई थी। वहां भी छोटे हथियारों से भारी फायरिंग हुई थी।
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बालाकोट घटना
1 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे व्हाइट नाइट कोर के जवान सतर्क थे। उन्हें कुछ संदिग्ध हलचल दिखी, और तुरंत फायरिंग शुरू कर दी। घुसपैठ की कोशिश पूरी तरह विफल हो गई। उसके बाद इलाके में निगरानी और गश्त को और मजबूत कर दिया गया। आर्मी ने बताया था कि LoC पर सभी पोस्ट ‘डॉमिनेशन मोड’ में हैं, यानी हर तरफ नजर रखी जा रही है और संसाधनों का पूरा इस्तेमाल हो रहा है ताकि ऐसी हरकतें दोबारा न हों।
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर के दौरान भारत सरकार ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी थी कि अगर भविष्य में पाकिस्तान भारत पर गोलीबारी करता है तो इसे युद्ध माना जाएगा।

















