प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर ओडिशा ने एक अनोखा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। राज्यव्यापी “एक पेड़ माँ के लिए” अभियान के तहत कुछ ही घंटों में पचहत्तर हजार पेड़ लगाए गए। समय सीमा सूर्यास्त तक थी लेकिन लक्ष्य दोपहर 1:33 बजे तक पूरा कर लिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजधानी भुवनेश्वर के एकाम्र कॉलेज परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वृक्षारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने आम का पौधा रोपकर यह संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां की स्मृति में एक पेड़ लगाना चाहिए तथा उसे परिवार के सदस्य की तरह पालना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वृक्षारोपण प्रधानमंत्री मोदी, धरती माता और भावी पीढ़ी के लिए सबसे अमूल्य उपहार है।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री का जन्मदिन सिर्फ जश्न का दिन नहीं बल्कि संकल्प का दिन है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को प्रधानमंत्री की मातृभूमि के प्रति समर्पण और धरती माता की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। ओडिशा ने आज 7.5 मिलियन पेड़ लगाकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है।
छात्रों और समाज की बड़ी भागीदारी
इस अभियान में राज्य के लगभग 40,000 स्कूलों और 1,000 कॉलेजों के 16 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसके साथ ही 2 लाख शिक्षक-शिक्षिकाएँ, 76,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 17,500 वन सुरक्षा समिति सदस्य, 17,000 आशा कार्यकर्ता, 16,500 ‘माई भारत’ स्वयंसेवक और 10,000 इको-क्लब से जुड़े युवाओं ने पौधारोपण में सक्रिय योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों, विभागीय कर्मचारियों और आम जनता को धन्यवाद दिया।
अभियान का विस्तार और महत्व
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष से शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में ओडिशा में 6.72 करोड़ पौधे लगाए गए थे और राज्य देशभर में चौथे स्थान पर रहा था। इस वर्ष दूसरे चरण का लक्ष्य 7.5 करोड़ पौधारोपण का रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में लगभग 6 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और आज के कार्यक्रम ने अभियान को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि पौधों को सिर्फ लगाना ही नहीं बल्कि उन्हें परिवार के सदस्य की तरह संभालना ज़रूरी है। जब ये पेड़ फल-फूल देंगे तो यह मेहनत सार्थक होगी और यह धरती को हरियाली व आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध पर्यावरण प्रदान करेगा। माझी मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को देश का “विकास पुरुष” और विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में वर्णित किया। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वतंत्रता के बाद जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अपने पूरे जीवन को ‘भारत माँ’ की सेवा के लिए समर्पित किया है। उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, आयुष्मान भारत, मातृ वंदना योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी का हर निर्णय जनता की समस्याओं का समाधान करने की भावना से प्रेरित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदीजी के जीवन में माँ का आशीर्वाद हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है। इसी भावना से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान शुरू किया गया। यह दिन जननी माँ और धरती माँ दोनों को समर्पित है।
कार्यक्रम के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रप्रेम और उनकी योजनाओं के दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग और स्थानीय विधायक बाबू सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले मास्टर कैंटीन बस स्टैंड पर आयोजित स्वच्छ भारत अभियान और एक रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 में शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान आज देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सफल रहा है।

















